अब क्या होगा डोनाल्ड ट्रंप का? 12 सदस्यीय जूरी कैसे करेगी उनकी किस्मत का फैसला; 20 गवाह उनके खिलाफ

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े ‘हश मनी’ केस (डोनाल्ड ट्रंप हश मनी केस ट्रायल) की सुनवाई अपने अंतिम चरण में है। करीब एक महीने तक चले ट्रायल के दौरान अभियोजकों ने न्यूयॉर्क की एक अदालत में 20 गवाह पेश किए। इनमें एक एडल्ट फिल्म स्टार, एक टैब्लॉयड अखबार प्रकाशक, व्हाइट हाउस के एक अंदरूनी सूत्र जैसे लोग शामिल थे। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप के वकीलों ने सिर्फ दो गवाह पेश किए।

‘चुप रहने के लिए पैसे’ का मामला क्या है?
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर 2016 में एक घोटाले से बचने के लिए एडल्ट फिल्म स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को पैसे देने का आरोप है। डोनाल्ड ट्रंप उस समय रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन की दौड़ में थे। उन्हें डर था कि अगर यह घोटाला सामने आया तो इससे उनकी उम्मीदवारी पर असर पड़ सकता है।

ट्रम्प पर एडल्ट फिल्म स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स के साथ शारीरिक संबंध बनाने का आरोप है। 2016 में राष्ट्रपति चुनाव से पहले उन्होंने चुप रहने के बदले में अपने वकील के माध्यम से डेनियल्स को 1,30,000 डॉलर का भुगतान किया था।

डोनाल्ड ट्रम्प कहां फंस गए हैं?
डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ लगाए गए आरोपों में उनके रिश्ते पर सवाल नहीं उठाए गए हैं। बल्कि, आरोप पत्र में कहा गया है कि उनके संगठन ने स्टॉर्मी डेनियल्स को दिए गए पैसे के बारे में अपने रिकॉर्ड में गलत प्रविष्टि की है। दस्तावेजों में, एडल्ट फिल्म स्टार को दिए गए पैसे को कानूनी सेवाओं के रूप में दिखाया गया था।

परीक्षण के बाद क्या होगा?
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, ट्रंप मामले में अंतिम बहस बुधवार तक पूरी हो जाएगी। इसके बाद जूरी आपस में विचार-विमर्श करेगी। चूंकि मामले में सरकार की ओर से करीब दो दर्जन गवाह पेश किए गए हैं। साथ ही सैकड़ों दस्तावेज भी कोर्ट में जमा किए गए, इसलिए जूरी को एक-एक चीज को देखने में समय लगेगा। इसके बाद ही वह किसी नतीजे पर पहुंचेगी और अपना फैसला सुनाएगी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि फैसला कितने दिनों में आएगा और इसके लिए कोई समय सीमा भी नहीं है।

बहुमत से निर्णय क्यों आवश्यक है?
डोनाल्ड ट्रंप के मामले की सुनवाई 12 सदस्यों की जूरी कर रही है, जिसमें अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा के लोग हैं। यह जानना ज़रूरी है कि जूरी ट्रंप के ख़िलाफ़ जो भी फ़ैसला सुनाएगी, वह बहुमत से ही होगा। चाहे वह दोषी ठहराने का हो या बरी करने का। अगर जूरी के 12 सदस्यों में से किसी एक की राय अलग होती है, तो मामले को गलत माना जाएगा।

अमेरिकी जूरी प्रणाली कैसे काम करती है?
अगर कोई मामला अमेरिकी अदालत में आता है, तो उसकी सुनवाई जूरी द्वारा की जाती है। भारत का सर्वोच्च न्यायालय अधिवक्ता आदर्श तिवारी ने hindi.news18.com को बताया अमेरिका के हर राज्य में संविधान के अनुसार जूरी तय करने का नियम है। जूरी तीन तरह की होती है। पहली- ग्रैंड जूरी, जिसका काम पुलिस के सबूतों की जांच करना होता है। दूसरी- पेटिट जूरी जिसे ट्रायल जूरी भी कहते हैं। यह जूरी पहली जूरी द्वारा मंजूर किए गए सबूतों को सुनती है। इसे ट्रायल भी कहते हैं और इसी आधार पर तय होता है कि आरोपी दोषी है या नहीं।

यहाँ यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है अगर पेटिट जूरी किसी गंभीर आपराधिक मामले की सुनवाई कर रही है, तो आरोपी को दोषी ठहराने के लिए सभी सदस्यों का एकमत होना ज़रूरी नहीं है। अगर जूरी के किसी सदस्य की राय अलग है, तो उसे सज़ा नहीं दी जा सकती। हालांकि, यह नियम छोटे या हल्के अपराधों पर लागू नहीं होता। अमेरिका में एक तीसरी जूरी होती है, जिसे सिविल जूरी कहते हैं। यह सिविल मामलों को देखती है।

भारत की प्रणाली किस प्रकार भिन्न है?
यह अमेरिका की बात है। भारत की न्यायपालिका अमेरिका से बिल्कुल अलग तरीके से काम करती है। हमारे यहां एडवर्सरीयल सिस्टम लागू है, जो ब्रिटेन में भी लागू है। इस सिस्टम के तहत जज सीधे केस की सुनवाई करते हैं। अगर हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में कोई केस चल रहा है और वहां दो से ज्यादा जजों की बेंच है, तो बहुमत का फैसला मान्य होगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी केस में 3 जज हैं और 2 का फैसला एक जैसा है और एक का अलग है, तो दो जजों का फैसला ही मान्य होगा।

यदि ट्रम्प दोषी ठहराये गये तो क्या होगा?
अगर डोनाल्ड ट्रंप को चुप रहने के लिए पैसे देने के मामले में दोषी ठहराया जाता है, तो सजा पर सुनवाई शुरू हो जाएगी। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक जज कई बातों को ध्यान में रखते हुए सजा तय कर सकते हैं। जैसे ट्रंप की उम्र, उनका पहले किसी मामले में दोषी न होना आदि। अगर ट्रंप दोषी ठहराए जाते हैं और सजा का समय आता है, तो उन पर जुर्माना लगाकर उन्हें रिहा किया जा सकता है या फिर जेल भी भेजा जा सकता है। संभव है कि उन्हें जेल और जुर्माना दोनों की सजा हो जाए।

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जेल जाने की संभावना कम क्यों है?
इस बात की संभावना बहुत कम है कि डोनाल्ड ट्रंप को जेल हो सकती है। बीबीसी के अनुसार, इस बात की संभावना ज़्यादा है कि अगर ट्रंप दोषी पाए जाते हैं तो उन पर जुर्माना लगाकर उन्हें रिहा किया जा सकता है। इसके तीन कारण हैं। पहला, ट्रंप 77 साल के हैं। दूसरा, उन्हें पहले किसी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है। तीसरा, उनके खिलाफ़ मामला हिंसक नहीं है। दूसरा कारण यह है कि शायद जज पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति को जेल नहीं भेजना चाहते हों।

यदि जेल हुई तो कितने वर्षों के लिए?
अगर डोनाल्ड ट्रंप को जेल भी हो जाती है तो अधिकतम सजा 4 साल होगी, क्योंकि उनके खिलाफ 34 आरोप न्यूयॉर्क में क्लास ए श्रेणी के अंतर्गत आते हैं। इस श्रेणी में सबसे हल्के आपराधिक आरोप शामिल हैं।

डोनाल्ड ट्रम्प