अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन: बारिश में भगवान पर गिरे पानी के छींटे, रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास ने बयां किया अपना दर्द

राम मंदिर प्रतिष्ठा: अयोध्या में रामलला को ठंड से बचाने के लिए उन्हें जयपुर से आई विशेष रजाई ओढ़ाई गई है. इसके अलावा रामलला को कंबल से भी ढक दिया गया है और गर्भगृह में गर्माहट बनाए रखने के लिए ब्लोअर भी लगाया गया है. इस बीच रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास ने बताया कि एक समय था जब बारिश के दौरान भगवान पर पानी की बौछारें गिरती थीं.

आजतक को दिए एक इंटरव्यू में आचार्य सत्येन्द्र दास ने बताया कि जब बारिश होती थी तो उन्हें बहुत तकलीफ होती थी, क्योंकि जब भी बारिश होती थी तो पानी के छींटे भगवान पर गिरने लगते थे और उसे रोकने का कोई उपाय नहीं होता था.

‘कूलर, एसी का उपयोग नहीं कर सका’
उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में वह पंखे के अलावा किसी और चीज का इस्तेमाल नहीं कर सकते। वहां न तो कूलर और न ही एयर कंडीशनर (एसी) लगाने की इजाजत थी. जब भी वह कुछ नया मांगता था तो रिसीवर उससे कहता था कि अदालत की अनुमति के बिना कुछ भी नहीं मिल सकता।

प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की तैयारियां जारी
गौरतलब है कि अगले साल 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होना है. इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. इसके अलावा राम मंदिर का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है. इसके अलावा शहर का सौंदर्यीकरण भी हो रहा है.

सड़क पर 30 फीट ऊंचे सूर्य स्तंभ सजाए गए
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अयोध्या में एक प्रमुख सड़क को सूर्य थीम वाले ‘सूर्य स्तंभों’ से सजाया जा रहा है. इन खंभों की ऊंचाई 30 फीट होगी और इस पर सजावटी घेरा लगाया जाएगा. रात में जब इन घेरों में रोशनी आएगी तो ये सूरज की तरह दिखाई देंगे।

उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अयोध्या डिवीजन ने कहा कि शहर के ‘धर्म पथ’ मार्ग पर कुल 40 ऐसे खंभे लगाए जाएंगे। यह सड़क नया घाट के पास लता मंगेशकर चौक को अयोध्या बाईपास से जोड़ती है।

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