आरोप: जवाहरलाल नेहरू ने 1950 में खुद किया था संविधान का बंटवारा, कांग्रेस कर रही है देश को बांटने की साजिश

नई दिल्ली। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर बड़ा हमला करते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी मुस्लिम वोटों के लालच में देश को बांटने की साजिश कर रहे हैं और ये पार्टियां भारतीय लोकतंत्र के लिए अभिशाप हैं। नई दिल्ली स्थित इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में ‘धार्मिक आरक्षण या धार्मिक कट्टरता की साजिश?’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संस्थापक, मुख्य संरक्षक और आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि कांग्रेस, ममता बनर्जी, भारतीय गठबंधन की अन्य पार्टियां और मुस्लिम आरक्षण के समर्थक मुस्लिम वोटों के लालच में देश में जहर फैला रहे हैं। ऐसे लोग देश के बंटवारे के गद्दारों की तरह हैं।

उलेमा, मुफ्तियों, मुस्लिम बुद्धिजीवियों, युवाओं, महिलाओं और मुस्लिम संप्रदाय के लोगों की मौजूदगी में बोलते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि इस तरह का तुष्टीकरण देश को जोड़ेगा नहीं बल्कि बांटेगा। जवाहरलाल नेहरू समेत संविधान निर्माताओं ने भी धर्म के नाम पर आरक्षण का विरोध किया था क्योंकि सभी का मानना ​​था कि धर्म के आधार पर राजनीति के कारण देश का बंटवारा हुआ है।

संघ नेता ने कहा कि आजादी के बाद से ही कांग्रेस का रवैया संविधान और लोकतंत्र को खत्म करने का रहा है। 1950 में जवाहर लाल नेहरू ने खुद संविधान का बंटवारा किया था। जम्मू-कश्मीर को अलग संविधान और अलग नागरिकता देकर कांग्रेस ने संविधान और लोकतंत्र पर क्रूर हमला किया। इसके खिलाफ आंदोलन चलाया गया, कई बलिदान हुए। हजारों राष्ट्रवादियों को जेल जाना पड़ा। आखिरकार 5 अगस्त 2019 को देश में एक संविधान, एक झंडा और एक नागरिकता लागू हो गई और यह सब राष्ट्रवादी पार्टी भाजपा, एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से संभव हुआ। इंदिरा गांधी ने भी देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोंटा था।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भारतीय गठबंधन को बताना चाहिए कि अगर मुसलमानों को आरक्षण दिया गया तो क्या अन्य समुदाय आरक्षण के लिए आंदोलन नहीं करेंगे? मुसलमानों को आरक्षण मिलने के बाद क्या सिख, बौद्ध, पारसी, जैन, ईसाई और अन्य धर्मों के कई संप्रदाय विरोध के लिए नहीं उठ खड़े होंगे? ऐसी स्थिति में आप किसे आरक्षण देंगे और किसे नहीं? क्या इससे देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता, सद्भाव और भाईचारा नष्ट नहीं होगा?

उन्होंने कहा कि मजहब हमें आपस में बैर रखना नहीं सिखाता, लेकिन कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने समाज में जहर घोल दिया है। ममता बनर्जी द्वारा कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश को न मानने की घोषणा ने यह साबित कर दिया है कि ऐसे लोग न तो संविधान का सम्मान करना जानते हैं और न ही न्यायपालिका का। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का तानाशाही रवैया देश और समाज को विघटित करने वाला है और देश को सुरक्षित रखने के लिए ममता बनर्जी की तानाशाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

इंद्रेश कुमार ने आगे कहा कि जाति आधारित आरक्षण के साथ-साथ आर्थिक आधार पर आरक्षण स्वीकार्य है। लेकिन, धर्म के आधार पर आरक्षण देश के एससी, एसटी और ओबीसी कोटे पर कुठाराघात है। धार्मिक आरक्षण के लिए एससी, एसटी और ओबीसी कोटे पर कितना हथौड़ा चलाया जाएगा, इसका जवाब भी गठबंधन को देना चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद मुस्लिम समुदाय के कई लोगों ने भी धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध किया और कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों से संविधान और देश को खतरा है।

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