इब्राहिम रईसी के बाद खामेनेई ने मोखबर को बनाया ईरान का कार्यवाहक राष्ट्रपति, वह सिर्फ 50 दिनों तक ही रह सकेंगे पद पर

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मोहम्मद मोखबर, ईरान के कार्यवाहक राष्ट्रपति।

दुबई: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति के नाम की घोषणा की है। खामेनेई ने ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद मोखबर को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया है। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रविवार को रायसी की मृत्यु के बाद शोक संदेश जारी करते हुए यह घोषणा की।

आपको बता दें कि राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी. उन्हें ले जा रहा हेलीकॉप्टर रविवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था लेकिन हेलीकॉप्टर का मलबा मिलने के बाद सोमवार को राष्ट्रपति की मौत की पुष्टि की गई। इस हादसे में ईरान के विदेश मंत्री होसैन अमीर-अब्दुल्लाहियान और हेलीकॉप्टर में सवार अन्य लोगों की भी मौत हो गई. खामेनेई ने संदेश में पांच दिनों के शोक की भी घोषणा की. (एपी)

कार्यवाहक राष्ट्रपति सिर्फ 50 दिन ही रह सकेंगे

ईरान के संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति की मृत्यु की स्थिति में 50 दिनों के भीतर चुनाव कराना जरूरी है. ऐसे में कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाए गए मोहम्मद मोखबर इस पद पर सिर्फ 50 दिन ही रह पाएंगे. इन 50 दिनों तक वह राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की कुर्सी संभालेंगे और बचे हुए काम को पूरा करेंगे।

कौन हैं मोहम्मद मोखबर देजफुली?

साल 2021 में जब इब्राहिम रायसी ने राष्ट्रपति पद संभाला तो उन्होंने मोहम्मद मोखबर को अपना पहला उपराष्ट्रपति नामित किया. मोहम्मद मोखबर ने वर्षों तक अयातुल्ला अली खामेनेई के आदेश पर बने फाउंडेशन का नेतृत्व भी किया है। आपको बता दें कि मोखबर को साल 2007 में अयातुल्ला खामेनेई ने इस पद पर नियुक्त किया था. आपको बता दें कि इब्राहिम रईसी के बाद मोहम्मद मोखबर को देश में दूसरे सबसे बड़े नेता के रूप में जाना जाता है। वह ईरान के उपराष्ट्रपति भी हैं।

मोहम्मद मोखबर की प्रशासन पर भी अच्छी पकड़ है. आपको बता दें कि मोहम्मद मोखबर 8 अगस्त 2021 से ईरान के 7वें और वर्तमान पहले उपराष्ट्रपति हैं। मोखबर वर्तमान में एक्सपीडिएंसी डिस्क्रिमिनेशन काउंसिल के सदस्य भी हैं। वह पहले सिना बैंक के बोर्ड के अध्यक्ष और खुज़ेस्तान प्रांत के उप गवर्नर के रूप में कार्य कर चुके हैं। मोहम्मद मोखबर का जन्म साल 1955 में ईरान के देजपुल में हुआ था। अगर उनकी शिक्षा की बात करें तो उनके पास दो डॉक्टरेट की डिग्री है। इसमें एक डॉक्टरेट अकादमिक पेपर और अंतरराष्ट्रीय कानून में एमए की डिग्री शामिल है। (एपी)

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1988 में जब इब्राहिम रईसी पर हजारों कैदियों के क्रूर नरसंहार का आरोप लगा तो उन्हें अमेरिका समेत कई देशों से प्रतिबंध का सामना करना पड़ा.

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