इस्लामाबाद में 2 भारतीयों को राजनयिक पहुंच नहीं दे रहा पाकिस्तान, विदेश मंत्रालय ने कही ये बात

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शहबाज शरीफ, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री (फाइल)

इस्लामाबाद: पाकिस्तान दो भारतीय नागरिकों को राजनयिक पहुंच प्रदान करने से संबंधित जानकारी साझा करने से इनकार कर रहा है। आपको बता दें कि पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने जासूसी के आरोप में दो भारतीयों को गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को पाकिस्तान ने इन दो भारतीय नागरिकों को काउंसलर एक्सेस प्रदान करने से संबंधित जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया और कहा कि ऐसी सुविधा ‘समय-समय पर’ प्रदान की गई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जेहरा बलूच से साप्ताहिक ब्रीफिंग में कथित जासूसी के आरोप में गिलगित-बाल्टिस्तान में गिरफ्तार दो भारतीयों को कथित तौर पर राजनयिक पहुंच प्रदान करने से संबंधित जानकारी के बारे में पूछा गया था।

उन्होंने कहा, ”मैं इस बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं करूंगा। हालांकि, पाकिस्तान सरकार समय-समय पर अपने नागरिकों को भारतीय उच्चायोग तक राजनयिक पहुंच प्रदान करती है।” एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने इस सप्ताह की शुरुआत में प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने 2020 में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किए गए दो भारतीय नागरिकों को अपने राजनयिकों से मिलने की अनुमति दी।

गिलगित-बाल्टिस्तान से की गई गिरफ्तारी

रिपोर्ट्स से पता चला है कि 2020 में गिलगित-बाल्टिस्तान में जासूसी के आरोप में जम्मू-कश्मीर के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनकी पहचान 29 वर्षीय फिरोज अहमद लोन और 24 वर्षीय नूर मुहम्मद वानी के रूप में हुई है, जो कश्मीर के गोरेज इलाके के रहने वाले हैं। राजनयिक सूत्रों ने बताया कि इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने अदियाला जेल में बंद दोनों कैदियों से मुलाकात की। (भाषा)

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