ईडी ने चीनी लोगों को वीजा देने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्ति चिदंबरम के खिलाफ ताजा आरोपपत्र दाखिल किया

कार्ति चिदम्बरम के खिलाफ आरोपपत्र: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ नई चार्जशीट दाखिल की है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने सोमवार (26 फरवरी) को कहा कि 2011 में कुछ चीनी नागरिकों को कथित तौर पर वीजा जारी करने से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्ति और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ ईडी द्वारा एक नया आरोप पत्र दायर किया गया है।

जांच एजेंसी द्वारा 25 जनवरी को विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत दायर की गई थी, जिस पर अदालत ने अभी तक संज्ञान नहीं लिया है।

कोर्ट 16 मार्च को सुनवाई करेगा

ईडी ने आरोप पत्र में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम, उनके करीबी सहयोगी एस भास्कररमन और कुछ अन्य लोगों के नाम शामिल किए हैं। सूत्रों ने बताया कि अदालत ने मामले को 16 मार्च को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है.

कार्ति चिदम्बरम तमिलनाडु की शिवगंगा सीट से लोकसभा सांसद हैं। इस मामले में एजेंसी कई बार उनका बयान दर्ज कर चुकी है. सांसद ने पहले कहा था कि उन्होंने इस मामले में सभी दस्तावेज एजेंसी को सौंप दिये हैं. उन्होंने इस मामले को बेहद फर्जी बताया था और कहा था कि 250 तो क्या, एक भी चीनी नागरिक को वीजा प्रक्रिया में मदद नहीं की गई.

क्या बात है आ?

ईडी द्वारा कार्ति चिदंबरम पर किया गया यह मामला सीबीआई की एफआईआर पर आधारित है। सीबीआई की एएफआईआर के मुताबिक, यह जांच वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) के एक शीर्ष अधिकारी द्वारा कार्ति चिदंबरम और एस भास्कररमन को 50 लाख रुपये की रिश्वत देने के आरोप से संबंधित है। कंपनी पंजाब में पावर प्लांट लगा रही थी.

सीबीआई के मुताबिक, पावर प्रोजेक्ट लगाने का काम एक चीनी कंपनी कर रही थी और तय समय से पीछे चल रही थी. एएफआई के अनुसार, टीएसपीएल के एक अधिकारी ने 263 चीनी श्रमिकों के लिए प्रोजेक्ट वीजा फिर से जारी करने की मांग की थी, जिसके लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये का लेनदेन किया गया था। आईएनएक्स मीडिया और एयरसेल-मैक्सिस मामलों की जांच के साथ-साथ कार्ति चिदंबरम के खिलाफ ईडी की यह तीसरी मनी लॉन्ड्रिंग जांच है।

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