उत्तर कोरिया अपना दूसरा सैन्य जासूसी उपग्रह अंतरिक्ष में प्रक्षेपित करने वाला है, प्रक्षेपण से पहले जापान को इसकी जानकारी दी गई

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उत्तर कोरिया अपना दूसरा सैन्य जासूसी उपग्रह अंतरिक्ष में भेजेगा।

सियोल, दक्षिण कोरिया): उत्तर कोरिया ने कुछ ही महीनों में अपना दूसरा सैन्य जासूसी उपग्रह लॉन्च करने की तैयारी कर ली है। यह खबर दक्षिण कोरिया और अमेरिका की नींद उड़ाने वाली है। हालांकि, इस बार उत्तर कोरिया ने लॉन्च से पहले अपने पड़ोसी जापान को इस बारे में जानकारी दे दी है। उत्तर कोरिया ने जापान को बताया है कि उसने अगले हफ़्ते की शुरुआत में उपग्रह लॉन्च करने की अपनी योजना पूरी कर ली है। यह उत्तर कोरिया की अपने दूसरे सैन्य जासूसी उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने की स्पष्ट कोशिश है।

आपको बता दें कि दक्षिण कोरिया, जापान और चीन के नेता सोमवार को अपनी पहली त्रिपक्षीय बैठक के लिए सियोल में एकत्र हुए थे, तभी उत्तर कोरिया के बारे में यह जानकारी मिली। जापान के तटरक्षक बल ने कहा कि उसे उत्तर कोरिया द्वारा एक ‘सैटेलाइट रॉकेट’ के निर्धारित प्रक्षेपण के बारे में सूचित किया गया है, जिसने सोमवार की मध्यरात्रि से 3 जून तक कोरियाई प्रायद्वीप और चीन के बीच और फिलीपीन द्वीप लुजोन के पूर्व में जल क्षेत्र में सुरक्षा बरतने के लिए अलर्ट किया है। उत्तर कोरिया ने जापान को इसके प्रक्षेपण के बारे में सूचित किया, क्योंकि जापान का तटरक्षक बल पूर्वी एशिया में समुद्री सुरक्षा सूचनाओं का समन्वय और वितरण करता है।

लॉन्च से पहले जापान के पीएम ने दिया ये आदेश

जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के कार्यालय ने प्रक्षेपण से पहले कहा कि किशिदा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे उत्तर कोरिया से प्रक्षेपण न करने और किसी भी आपात स्थिति में पर्याप्त उपाय करने का आग्रह करने में अमेरिका, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों के साथ सहयोग करें। माना जाता है कि यह जानकारी उत्तर कोरिया द्वारा अंतरिक्ष में अपना दूसरा सैन्य जासूसी उपग्रह लॉन्च करने के प्रयास को दर्शाती है।

दक्षिण कोरिया की सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसे इस बात के संकेत मिले हैं कि उत्तर कोरिया उत्तर-पश्चिम में अपने मुख्य टोंगचांगरी प्रक्षेपण केंद्र से जासूसी उपग्रह प्रक्षेपित करने की तैयारी कर रहा है। उत्तर कोरिया ने पिछले नवंबर में अपना पहला सैन्य “टोही” उपग्रह कक्षा में भेजा था, जो अमेरिका के नेतृत्व वाली सैन्य धमकियों का मुकाबला करने के लिए अंतरिक्ष-आधारित निगरानी नेटवर्क बनाने के उसके प्रयासों का हिस्सा था। (एपी)

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