कजाकिस्तान का कानून सबसे ऊपर है, पूर्व मंत्री कुआंडिक बिशिम्बायेव को 24 साल की जेल की सजा से बड़ा झटका लगा है।

कजाकिस्तान नवीनतम समाचार: कानून…यह सिर्फ एक शब्द नहीं बल्कि अपने आप में एक पूरी व्यवस्था है! चाहे बड़ा हो या छोटा और अमीर हो या गरीब, हर कोई इसके अंतर्गत आता है और उन्हें इसके अनुसार व्यवहार करना पड़ता है। ये बात फिर साबित हो गई जब देश के पूर्व वित्त मंत्री को एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा. उन्हें कुल 24 साल जेल की सज़ा सुनाई गई है.

ये पूरा मामला मध्य एशियाई देश कजाकिस्तान का है. समाचार एजेंसी ‘एसोसिएट प्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अस्ताना कोर्ट ने पूर्व मंत्री कुआंडिक बिशिम्बायेव को अपनी पत्नी साल्टानट नुकेनोवा को प्रताड़ित करने और उसकी हत्या करने का दोषी पाया है. सोमवार (मई 13, 2024) को वहां की सुप्रीम कोर्ट ने उसे पत्नी की हत्या के आरोप में 24 साल जेल की सजा सुनाई।

कजाकिस्तान के अफसरों ने दिया संदेश- कानून से ऊपर कोई नहीं

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व मंत्री के मुकदमे का पिछले कुछ हफ्तों में टीवी पर सीधा प्रसारण किया गया था. ऐसे में कहा गया कि इसके जरिए अधिकारियों द्वारा यह संदेश देने की कोशिश की गई कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है. मुकदमे के समय सीसीटीवी फुटेज भी चलाया गया, जिसमें वह अपनी पत्नी को लात-घूंसों से मारते हुए दिख रहा था. जिस कमरे में घटना के बाद उसकी पत्नी की मौत हुई थी, वहां उसे उसके बालों को बेरहमी से खींचते हुए भी देखा गया था।

घरेलू हिंसा मामले ने देश में छेड़ी नई बहस, राष्ट्रपति बोले- हम…

पूर्व मंत्री से जुड़े इस मामले ने देश में घरेलू हिंसा पर बड़े पैमाने पर बहस छेड़ दी थी. राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव ने कहा, “हम एक ऐसा समाज बनाना चाहते हैं जहां सभी के लिए न्याय हो, जिसमें महिलाओं के बेहतर अधिकार भी शामिल हों।”

पूर्व विदेश मंत्री कुआंडिक बिशिम्बायेव भ्रष्टाचार के आरोप में जेल गए

कुआंडिक बिशिम्बायेव पहले कुछ समय के लिए तेल समृद्ध मध्य एशियाई देश के वित्त मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। 44 वर्षीय पूर्व मंत्री ने नवंबर 2023 में एक रेस्तरां (पति के रिश्तेदार के स्वामित्व वाले) में अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। हालांकि, कुआंडिक बिशिम्बायेव को पिछले साल अपनी पत्नी को गंभीर रूप से पीटने का दोषी पाया गया था। वैसे, पूर्व मंत्री को पहले भ्रष्टाचार के आरोप में जेल की सजा सुनाई गई थी लेकिन बाद में उन्हें पैरोल पर रिहा कर दिया गया था।

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