कटिहार में फर्जी साइबर एसपी के बाद अब फर्जी ट्रेनी डीएसपी गिरफ्तार, मची सनसनी, गाड़ी पर लिखा था पुलिस, पास में था डीएसपी का पहचान पत्र, तेजी से दे रहे थे आदेश, तभी पहुंचे पुलिस अधिकारी, फिर..

कटिहार। एक दिन पहले ही पुलिस ने कटिहार के कोइरा थाना क्षेत्र से फर्जी साइबर एसपी शम्स तबरेज को गिरफ्तार किया था. शम्स तबरेज पर दर्जनों महिलाओं को उनकी अश्लील फोटो और वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल करने का आरोप था. अब कटिहार पुलिस ने डंडखोरा थाना क्षेत्र से एक फर्जी ट्रेनी डीएसपी को गिरफ्तार किया है. फर्जी ट्रेनी डीएसपी की पहचान कटिहार के आजमनगर थाना क्षेत्र के नारायणपुर निवासी मोहम्मद अख्तर हुसैन के रूप में हुई है. उसके एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है जो ठगी में उसकी मदद करता था.

आरोपी मोहम्मद अख्तर हुसैन के पिता मोहम्मद अब्दुल हुसैन होमगार्ड में तैनात हैं, जबकि उसके साथ कटिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए व्यक्ति मेहरुद्दीन खान पर फर्जी डीएसपी अख्तर हुसैन का सहयोगी होने का आरोप है. गिरफ्तार मोहरुद्दीन डंडखोरा थाना क्षेत्र के सकरापुर गांव का रहने वाला है. पूरे मामले की जानकारी देते हुए एसडीपीओ अभिजीत कुमार ने बताया कि शुक्रवार को डंडखोरा थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान उसे पकड़ा गया.

एसडीपीओ अभिजीत कुमार ने बताया कि जब डंडखोरा थाना प्रभारी ने संदेह के आधार पर वाहन चेकिंग शुरू की तो एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में एक गाड़ी में बैठा हुआ मिला और कुछ निर्देश दे रहा था। जब उससे उसकी पहचान पूछी गई तो उसने खुद को 66वें बैच का प्रशिक्षु डीएसपी बताया और कहा कि वह फिलहाल मोतिहारी में पदस्थापित है। इस आधार पर जब आगे की जांच की गई तो उसकी पहचान फर्जी डीएसपी के रूप में हुई।

एसडीपीओ अभिजीत कुमार ने फर्जी डीएसपी अख्तर हुसैन के कारनामों की जानकारी साझा की।

छापेमारी के दौरान वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी में पूछताछ के बाद फर्जी डीएसपी मोहम्मद अख्तर हुसैन ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह इंजीनियरिंग के छात्र रहते हुए भी पुलिस की नौकरी से काफी प्रभावित था। इसलिए उसने यूट्यूब से डीएसपी की गतिविधियों और उससे जुड़े विषयों की पूरी जानकारी जुटाई और अपने परिवार के साथ-साथ समाज के लोगों को धोखा देने की साजिश रची। उसने अपने लिए बाकायदा वर्दी सिलवाई और फर्जी डीएसपी बनकर घूमने लगा।

जांच के दौरान एक और बड़ी बात सामने आई है कि फर्जी डीएसपी बनकर मोहम्मद अख्तर हुसैन न सिर्फ जमीन विवाद को लेकर पंचायत करवाता था, बल्कि अपनी फर्जी पहचान के आधार पर अधिकारियों पर दबाव भी बनाता था. फिलहाल कटिहार पुलिस ने फर्जी डीएसपी बनकर मोहम्मद अख्तर हुसैन और उसके सहयोगी मेहरुद्दीन खान को गिरफ्तार कर लिया है. इन लोगों के पास से एक लग्जरी कार, बिहार पुलिस लिखा पहचान पत्र, पुलिस की वर्दी, कई बैंकों के एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज बरामद किए गए हैं.