कोविड के दौरान दिवालिया हो गए थे, फिर दोबारा किस्मत आजमाने लगे तो ऐसा खजाना मिला कि सात पीढ़ियों की गरीबी मिट गई!

कोविड के दिनों में वे बेरोजगार हो गए। उनकी आर्थिक स्थिति बहुत नाजुक हो गई। फिर उनके सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया। उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं बचा था, लेकिन उन्हें किस्मत पर बहुत भरोसा था। उन्होंने और उनकी पत्नी ने फिर से किस्मत आजमाना शुरू किया। वे नियमित रूप से ऐसा काम करते थे, फिर अचानक किस्मत ने उनके दरवाजे पर दस्तक दी। और उनके पास इतनी संपत्ति आ गई कि उनकी सात पीढ़ियों की गरीबी मिट गई। यह कहानी है अमेरिका के न्यूयॉर्क के एक दंपत्ति की। जो दंपत्ति गुजारा करने में लगे थे, वे अचानक करोड़पति बन गए। वह भी किसी लॉटरी के जरिए नहीं बल्कि पूरी तरह किस्मत के भरोसे।

द गार्जियन अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह जोड़ा न्यूयॉर्क की एक झील में ‘मैग्नेट फिशिंग’ करता है। मैग्नेट फिशिंग के जरिए पानी से धातुएं निकाली जाती हैं। इसमें मछली पकड़ने वाले धागे के एक सिरे पर एक शक्तिशाली चुंबक लगा दिया जाता है। इससे पानी में मौजूद धातुएं उससे चिपक जाती हैं। फिर मछली पकड़ने वाला व्यक्ति उन्हें इकट्ठा करके बेचता है और पैसे कमाता है।

मछली पकड़ने के दौरान शुभकामनाएँ
मछली पकड़ने गए इस जोड़े का नाम जेम्स केन और बार्बी एगोस्टिनी है। अन्य दिनों की तरह वे एक बार फिर 31 मई को क्वींस के फ्लशिंग मीडोज कोरोना पार्क में मछली पकड़ने गए थे। जब वे मछली पकड़ रहे थे, तब उन्हें महसूस हुआ कि एक भारी वस्तु धातु से चिपकी हुई है। वह वस्तु एक धातु का डिब्बा था। वे किसी तरह उसे पानी से बाहर निकालने में कामयाब रहे। उस समय उन्हें इस बात का अहसास नहीं था कि इस धातु के डिब्बे में उनका भाग्यशाली खजाना छिपा हुआ है। फिर उन्होंने ध्यान से उस डिब्बे को खोला। तब उनका भाग्यशाली खजाना खुल गया। उस डिब्बे में 100 डॉलर के नोटों में एक लाख डॉलर (करीब 83 लाख रुपये) की रकम थी। हालांकि, ये नोट थोड़े क्षतिग्रस्त थे।

इसके बाद दंपत्ति ने न्यूयॉर्क पुलिस को इस बारे में जानकारी दी। लेकिन पुलिस ने भी अपनी किस्मत पर यकीन करते हुए कहा कि आप ये पैसे रख लीजिए। पुलिस ने कहा कि इस दंपत्ति ने ये पैसे किसी गलत तरीके से हासिल नहीं किए हैं। इसके साथ कोई अपराध भी नहीं जुड़ा है। ऐसे में ये पैसे दंपत्ति के हैं। पुलिस ने ये भी कहा कि इस बात की पहचान करने का कोई तरीका नहीं है कि इस पैसे का असली मालिक कौन है। ऐसे में इसे पाने वाला दंपत्ति ही इसका हकदार है।

पहले प्रकाशित : 3 जून, 2024, 13:12 IST