कौन है जैश अल-अदल जिस पर ईरान ने हमला किया? इसका नेटवर्क कैसे काम करता है?

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जैश अल-अद्ल

ईरान पाकिस्तान: ईरान और पाकिस्तान भले ही आपसी दोस्ती की बात करते हों, लेकिन दोनों पड़ोसी देशों में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. ईरान ने एक बार फिर पाकिस्तान की सीमा में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की है. ईरान ने पिछले महीने भी पाकिस्तान पर मिसाइल हमला किया था. इसके बाद दोनों देशों में तनाव हो गया. ईरान का कहना है कि उसने आतंकी संगठन जैश अल-अदल पर हमला किया है. जानिए कौन सी है ये संस्था, कैसे काम करता है इसका नेटवर्क?

ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरानी सैन्य बलों ने पाकिस्तानी सीमा में घुसकर आतंकी संगठन जैश अल-अदल के वरिष्ठ कमांडर इस्माइल शाहबख्श और उसके कुछ सहयोगियों को मार गिराया है. दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे पर हवाई हमले करने के ठीक एक महीने बाद, ईरान की सेना ने सशस्त्र संघर्ष में एक आतंकवादी समूह पर हमला किया है और कई आतंकवादियों को मार गिराया है।

कैसे काम करता है जैश अल-अद्ल का नेटवर्क?

जैश अल-अदल के हमले ज्यादातर ईरान में उन जगहों पर होते हैं जो पाकिस्तान की सीमा से लगे हैं. उन्होंने पाकिस्तान में अपने अड्डे स्थापित कर लिए हैं. हमले के बाद आतंकी भाग जाते हैं जो ईरान और पाकिस्तान के बीच खटास की बड़ी वजह है. जैश अल-अदल के लड़ाके सीमा चौकियों और सैन्य काफिलों को निशाना बनाने के लिए जाने जाते हैं।

जैश अल-अदल का मतलब क्या है, संगठन का गठन कब हुआ?

जैश अल-अदल का मतलब है न्याय की सेना. इसे 2012 में बनाया गया था। 2013 में इसने एक हमले की जिम्मेदारी ली थी। इसमें 14 ईरानी गार्ड मारे गये. इस हमले के बाद जैश अल-अदल सुर्खियों में आ गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकी समूह ने तब कहा था कि यह हमला सीरिया में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के अपराधों और सुन्नियों पर ईरान के उत्पीड़न का जवाब था।

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