गणतंत्र दिवस 2024 पर पहली बार भारत ने 4 फ्रांसीसी नागरिकों को प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार दिए

पद्म पुरस्कार 2024: भारत और फ्रांस के रिश्ते और मजबूत हो गए हैं. भारत ने 4 फ्रांसीसी नागरिकों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करने की घोषणा की है। यह फैसला दोनों देशों के बीच गहरे होते मैत्रीपूर्ण संबंधों का जीता जागता उदाहरण है.

दरअसल, पद्म पुरस्कारों की घोषणा गुरुवार (25 जनवरी) को की गई, जिस दिन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन भारत दौरे पर आए थे। वह अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा के पहले दिन जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया. इस साल गणतंत्र दिवस परेड समारोह में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे.

फ्रांस के इन लोगों को सम्मानित किया जाएगा

इस बार फ्रांस से जिन लोगों को यह सम्मान मिला है उनमें 100 साल की योग गुरु चार्लोट चोपिन और योग विशेषज्ञ व आयुर्वेद डॉक्टर किरण व्यास (79) शामिल हैं। इसके अलावा पियरे सिल्वेन फिलिओज़ात (87) और फ्रेड नेग्रिटे के लिए भी पद्म सम्मान की घोषणा की गई है। दार्शनिक संस्कृत के विद्वान हैं जो भारतीय संस्कृति के अध्ययन को बढ़ाने के लिए समर्पित हैं। फ्रेड नेग्रिट एक इंडोलॉजिस्ट हैं जो भारतीय संस्कृति के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देते हैं।

इस साल 2024 में 132 लोगों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है. इनमें से 5 लोगों को पद्म विभूषण, 17 को पद्म भूषण और 110 लोगों को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

9 लोगों को मरणोपरांत पद्म पुरस्कार

इस बार 9 लोगों को मरणोपरांत पद्म पुरस्कार दिया जा रहा है. इस बार भारत सरकार जिन लोगों को मरणोपरांत पद्म पुरस्कार से सम्मानित कर रही है उनमें सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिहार के बिंदेश्वर पाठक को भी मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा रहा है।

,पीटीआई-भाषा, एएनआई इनपुट के साथ,

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