चीन ने ताइवान के आसपास पूरा किया युद्धाभ्यास, एक साथ 62 लड़ाकू विमानों और 27 युद्धपोतों ने किया हमला

छवि स्रोत : एपी
चीन का दो दिवसीय सैन्य अभ्यास संपन्न हुआ

ताइवान के इर्द-गिर्द चीन का सैन्य अभ्यास अब खत्म हो गया है। दो दिन तक चले इस अभ्यास को ज्वाइंट स्वॉर्ड 2024A नाम दिया गया था। यह अब पूरा हो चुका है। इस अभ्यास की शुरुआत से ही यह आशंका जताई जा रही थी कि चीन ताइवान को परेशान करने के लिए यह अभ्यास कर रहा है। हालांकि, कुछ लोगों का कहना था कि चीन ने यह सैन्य अभ्यास ताइवान पर दबाव बनाने और ताइवान को घेरने के लिए किया था। इस दौरान चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने पहली बार ताइवान और उसके नियंत्रण वाले द्वीपों पर हमला करने का अभ्यास किया। इस युद्ध अभ्यास में मुख्य रूप से चीन की नौसेना और वायुसेना ने हिस्सा लिया।

ताइवान के निकट चीन का सैन्य अभ्यास समाप्त हुआ

चीन के सरकारी टेलीविजन के सैन्य चैनल ने कहा कि यह सैन्य अभ्यास पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को पूरा हुआ। हालांकि, चीनी रक्षा मंत्रालय की ओर से इस सैन्य अभ्यास को लेकर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की गई है। चीन ने लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार द्वारा शासित ताइवान को अपना हिस्सा बताया है। हालांकि, ताइवान खुद को एक संप्रभु राष्ट्र कहता रहा है। आपको बता दें कि ताइवान को तीन दिन पहले ही नया राष्ट्रपति मिला है, जिनका नाम लाई चिंग ते है। उनके पदभार संभालने के ठीक तीन दिन बाद चीन ने दो दिवसीय सैन्य अभ्यास किया था।

एक समय में 62 लड़ाकू विमान

आपको बता दें कि राष्ट्रपति बनने के बाद अपने पहले भाषण में लाइ चिंग ते ने चीन से ताइवान को धमकी देना बंद करने को कहा था. उन्होंने कहा था कि ताइवान एक लोकतांत्रिक देश है. चीन को इसकी संप्रभुता स्वीकार करनी चाहिए. कहा जा रहा था कि उनके भाषण की वजह से ही चीन ने ये युद्ध अभ्यास किया था. ताइवान के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इस युद्ध अभ्यास के दौरान एक समय में 62 लड़ाकू विमान आसमान में और 27 युद्धपोत समुद्र में हमले का अभ्यास करते मिले. इसमें से 46 लड़ाकू विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार किया. इस दौरान चीन ने सुखोई 30 लड़ाकू विमानों और परमाणु हमला करने में सक्षम एच-6 बमवर्षकों का भी इस्तेमाल किया.

(इनपुट-रॉयटर्स)

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