चीन सीमा पर रोपवे चलाएगा भारत, 90 मिनट की दूरी 16 मिनट में होगी तय, जानें पूरा प्लान

नई दिल्ली। भारत अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा पर रोपवे चलाने की तैयारी कर रहा है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस परियोजना का अध्ययन किया है और इसी वित्तीय वर्ष में काम देने की योजना बनाई जा रही है। इस परियोजना से जहां क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा, वहीं सेना को सीमा तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी। देश में कई धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर रोपवे का निर्माण किया जा रहा है।

अरुणाचल प्रदेश के तवांग से तवांग मठ तक रोपवे चलाया जाएगा। तवांग मठ 17वीं शताब्दी का है और यह देश के सबसे पुराने और सबसे बड़े मठों में से एक है। पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता और संस्कृति को देखने आते हैं। तवांग शहर समुद्र तल से 12000 फीट की ऊंचाई पर है।

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रोपवे का निर्माण कर रही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की कंपनी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट (एनएचएलएमएल) के सीईओ प्रकाश गौड़ ने न्यूज18 हिंदी को बताया कि तवांग मठ को जोड़ने के लिए 5.15 किलोमीटर लंबा रोपवे बनाया जा रहा है. यहां मोनोकेबल गोंडोला तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा.

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उन्होंने कहा कि रोपवे के जरिए पर्यटक 90 मिनट की जगह 16 मिनट में मठ तक पहुंच सकेंगे। इस रोपवे की क्षमता रोजाना 10,000 यात्रियों को ले जाने की होगी। इस परियोजना के लिए बोलियां आमंत्रित की गई हैं और वित्तीय वर्ष 2024 में काम देने की तैयारी चल रही है।

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