चोकसी भारत लौटने को तैयार है, बस एक अड़चन है, कोर्ट में खुद बताई ये बात…!

मुंबई। हीरा व्यापारी और अरबों रुपये के कथित पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी ने यहां एक विशेष अदालत को बताया कि वह विभिन्न कारणों से भारत लौटने में सक्षम नहीं है और यह उसके नियंत्रण से बाहर है। उन्होंने कहा कि इस आधार पर उन्हें ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित नहीं किया जा सकता. चोकसी ने दावा किया है कि उसने आपराधिक मुकदमे से बचने के लिए भारत नहीं छोड़ा और न ही वह देश लौटने से इनकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनका पासपोर्ट भारतीय अधिकारियों ने निलंबित कर दिया है.

हीरा व्यापारी ने बुधवार को विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष दायर एक आवेदन में ये दावे किए। इसमें उन्होंने अपने पासपोर्ट के निलंबन और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ की जा रही जांच से संबंधित दस्तावेज तलब करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। अधिवक्ता विजय अग्रवाल के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि चोकसी के खिलाफ मौजूदा कार्यवाही उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी (एफईओ) घोषित करने की ईडी की याचिका से संबंधित है और “मामले में निष्पक्ष निर्णय के लिए” संबंधित दस्तावेज तलब किए जाने की जरूरत है।

याचिका में कहा गया है कि भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के अनुसार, “भगोड़ा आर्थिक अपराधी” वह व्यक्ति है जिसके खिलाफ भारत की एक अदालत ने एक अनुसूचित अपराध के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है और जो आपराधिक मुकदमे से बचने के लिए भारत छोड़ चुका है। या आपराधिक मुकदमे का सामना करने से बचने के लिए देश नहीं लौट रहा है।

याचिका में कहा गया है कि ईडी के आवेदन से पता चलता है कि चोकसी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए दोनों में से कोई भी शर्त पूरी नहीं हुई है। चोकसी ने दावा किया कि फरवरी 2018 में उसने जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए उसके खिलाफ जारी ईडी के समन का जवाब दिया था और कहा था, “वह भारत लौटने में असमर्थ है क्योंकि उसका पासपोर्ट भारतीय अधिकारियों द्वारा निलंबित कर दिया गया है।”

आरोपी ने अपनी याचिका में पासपोर्ट कार्यालय द्वारा उसे जारी किया गया एक नोटिस भी संलग्न किया है, जिसमें उसके पासपोर्ट को निलंबित करने का कारण “भारत के लिए सुरक्षा खतरा” बताया गया है। आवेदन में कहा गया है कि ऐसी परिस्थितियों में, ईडी का यह कहना कि चोकसी भारत नहीं लौट रहा है, गलत है क्योंकि जब उसका पासपोर्ट निलंबित कर दिया गया है तो उसके लौटने की उम्मीद नहीं की जा सकती।

याचिका में कहा गया है कि इसलिए, वर्तमान मामले (उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की याचिका) के निर्णय के लिए यह आवश्यक है कि चोकसी के पासपोर्ट के निलंबन को दर्शाने वाले कारणों और दस्तावेजों को रिकॉर्ड में लाया जाए।

धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई कर रही अदालत ने चोकसी की याचिका पर ईडी से जवाब मांगा और मामले की सुनवाई तीन जून तक के लिए स्थगित कर दी। चोकसी और उसके भतीजे नीरव मोदी को ईडी और सीबीआई कुछ बैंक कर्मचारियों के साथ मिलीभगत करके पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से 13,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में वांछित हैं।

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