जयराम रमेश आरक्षण के लिए जाति जनगणना जरूरी, क्या पीएम मोदी बढ़ाएंगे आरक्षण की सीमा, लोकसभा चुनाव 2024

जाति जनगणना पर जयराम रमेश: लोकसभा चुनाव के चार चरणों का मतदान खत्म हो चुका है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) देश के अलग-अलग हिस्सों में रैलियां कर आरक्षण और जाति आधारित जनगणना को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रही है. इस बीच कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इन दोनों मुद्दों पर बीजेपी को जवाब दिया. उन्होंने 2011 में हुई जनगणना को लेकर भी बीजेपी से सवाल पूछे जब मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे.

‘आरक्षण के लिए जातीय जनगणना जरूरी’

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, ”अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग को आरक्षण का पूरा अधिकार मिलना चाहिए. इसके लिए जातीय जनगणना कराना जरूरी है. 2011 में जब मनमोहन सिंह थे प्रधानमंत्री जी, उस समय उस आर्थिक रिपोर्ट में जाति के बारे में जो जानकारी सामने आई थी, उसे प्रकाशित करने में तीन साल लग गए. इसके बाद हमारी सरकार केंद्र से चली गई और फिर मोदी सरकार ने इसे कभी प्रकाशित नहीं किया.”

‘सुप्रीम कोर्ट ने कहा था 50 फीसदी आरक्षण जरूरी’

कांग्रेस नेता ने कहा, ”मोदी सरकार ने अभी तक अपना स्पष्टीकरण नहीं दिया है कि वह सामाजिक, आर्थिक और जनगणना के पक्ष में है या नहीं. साल 1992 में सुप्रीम कोर्ट ने मंडल कमीशन के संदर्भ में एक फैसला दिया था, जिसमें उसने कहा गया, ”एससी, एसटी और ओबीसी के लिए 50 फीसदी आरक्षण की सीमा रखना जरूरी था.”

‘पीएम बताएं कि आरक्षण की सीमा बढ़ाएंगे या नहीं’

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “केवल तमिलनाडु का आरक्षण कानून भारतीय संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल है। तमिलनाडु में 69 फीसदी आरक्षण है, लेकिन यह असंवैधानिक नहीं है। जब कुल मिलाकर 50 फीसदी की सीमा पार हो जाती है।” कहा जा रहा है कि हम 50 फीसदी की सीमा बढ़ाएंगे, क्या आप जाति जनगणना बढ़ाएंगे या नहीं?

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