ढाई करोड़ की पोर्श, 45 हजार में खरीदा पसंदीदा नंबर, फिर 1758 रुपए की वजह से बिना नंबर के दौड़ती रही कार

पुणे. महाराष्ट्र के पुणे में पोर्शे कार से कुचलकर दो लोगों की मौत के मामले में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस जानलेवा हादसे में शामिल पोर्शे टेकन की भारत में कीमत 1.6 करोड़ से 2.4 करोड़ रुपये के बीच है। यह लग्जरी कार इस साल मार्च से बिना नंबर रजिस्ट्रेशन के सड़कों पर दौड़ रही थी। अब आरटीओ ने बताया है कि महज 1758 रुपये के कारण इसके अमीर मालिक ने रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं कराया था।

इस पोर्शे टायकन के मालिक विशाल अग्रवाल शहर के एक बड़े बिल्डर हैं। आरटीओ अधिकारी के मुताबिक, उन्होंने अपनी कार के लिए MH12-WQ2000 नंबर पसंद किया था। इसके लिए उन्होंने 45,000 रुपये का भुगतान भी किया था, लेकिन फिर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बीच में ही छोड़ दी गई. उन्होंने कहा, ‘पंजीकरण पूरा करने के लिए हाइपोथिकेशन, स्मार्ट कार्ड और डाक शुल्क के लिए 1758 रुपये लिए गए, लेकिन मालिक ने शुल्क का भुगतान नहीं किया और पंजीकरण प्रक्रिया बीच में ही छोड़ दी।’

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पुणे के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संजीव भोर ने कहा, ‘सभी इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), चाहे दोपहिया वाहन हों या हाई-एंड चार-पहिया वाहन, को मोटर वाहन या सड़क कर और पंजीकरण शुल्क का भुगतान करने से छूट दी गई है। अन्य पेट्रोल-डीजल वाहनों के लिए, रोड टैक्स (15 वर्षों के लिए वैध) वाहन की ऑन-रोड कीमत का 20% है। पता चला है कि 18 अप्रैल को वह कार आरटीओ ऑफिस आई थी और उसकी जांच की गई थी।’

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इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘मालिक ने कार के लिए एक पसंदीदा नंबर (MH12 WQ2000) खरीदा और इसके लिए भुगतान किया। हालाँकि, रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए 1,758 रुपये का शुल्क बाकी था, इसलिए रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं हो सका और नंबर नहीं दिया गया। हमें नहीं पता कि मालिक ने प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं की.

एक अन्य आरटीओ अधिकारी ने कहा, ‘अगर कार ईवी नहीं होती, तो रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क के रूप में लगभग 50 लाख रुपये का भुगतान किया जाता। यह मानते हुए कि कार की कीमत कम से कम 2.25 करोड़ रुपये है, लगभग 45 लाख रुपये रोड टैक्स के रूप में और 5,000 रुपये पंजीकरण शुल्क के रूप में चुकाए गए होंगे।’