तालिबान ने अब दिखाया अपना असली चेहरा, सरेआम अफगान महिलाओं और लोगों को कोड़े मारे

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प्रतीकात्मक फोटो

अफगानिस्तान पर शासन कर रहे तालिबान ने दुनिया के सामने अपना असली चेहरा दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को यूएन ने बताया कि तालिबान ने अफगान महिलाओं समेत 60 से ज्यादा लोगों के प्रति अपनी क्रूरता दिखाई है। इसको लेकर संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने बुधवार को सारी पुल इलाके में तालिबान द्वारा एक दर्जन से ज्यादा महिलाओं समेत 60 से ज्यादा लोगों को सरेआम कोड़े मारने की निंदा की।

स्टेडियम में चाबुक दिए गए

UNAMA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक बयान में कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान अधिकारियों ने मंगलवार को कम से कम 63 लोगों को कोड़े मारे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इसकी कड़ी निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का सम्मान करने को कहा है। तालिबान सुप्रीम कोर्ट ने एक बयान में पुष्टि की है कि 14 महिलाओं सहित 63 लोगों को सार्वजनिक रूप से कोड़े मारे गए हैं। इन लोगों पर अप्राकृतिक यौन उत्पीड़न, चोरी और अनैतिक संबंधों जैसे अपराधों में शामिल होने का आरोप था। लोगों को एक स्पोर्ट्स स्टेडियम में कोड़े मारे गए हैं।

1990 के दशक में भी यही स्थिति थी

बता दें कि अमेरिका के जाने के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान में बेहतर शासन लाने का वादा किया था। इसके बावजूद 2021 में दोबारा सत्ता हासिल करने के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से कठोर सजा देना शुरू कर दिया। तालिबान किसी भी अपराध के लिए लोगों को फांसी, कोड़े मारने और पत्थर मारने जैसी सजा देता है। बता दें कि 1990 के दशक में तालिबान के शासन के दौरान भी ऐसा ही होता था।

वह पहले भी ऐसी मौत की सजा दे चुका है

अफ़गान सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग बयानों में कहा कि यौन शोषण के दोषी और अपने घरों से भागने की कोशिश करने वाले एक पुरुष और एक महिला को बुधवार को उत्तरी पंजशीर प्रांत में कोड़े मारे गए। इस साल की शुरुआत में, तालिबान ने उत्तरी जौज़जान क्षेत्र के एक स्टेडियम में हज़ारों लोगों के सामने हत्या के दोषी एक व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से मौत की सज़ा दी थी।

(इनपुट-एपी)

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