तीसरा विश्व युद्ध छिड़ जाएगा अगर… रूस ने अचानक अमेरिका को क्यों चेताया, पोलैंड ने कैसे सुलगाई चिंगारी?

दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को लगभग 2 साल हो चुके हैं। लेकिन युद्ध की तपिश अभी भी कम नहीं हुई है। यूक्रेन पर रूस का हमला जारी है। रूस-यूक्रेन युद्ध तीसरे विश्व युद्ध की चिंगारी बनकर कब भड़क जाए, कोई नहीं जानता। हालांकि, पोलैंड ने एक बयान देकर रूस-यूक्रेन युद्ध में घी डालने का काम किया है। यही वजह है कि अब रूस ने अमेरिका को तीसरे विश्व युद्ध की धमकी दी है। रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में रूसी ठिकानों पर कोई भी अमेरिकी हमला तीसरे विश्व युद्ध को जन्म देगा। पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव वर्तमान में रूस की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने यह बयान पोलिश विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की की टिप्पणियों पर दिया। पोलिश विदेश मंत्री सिकोरस्की ने दावा किया कि अगर मास्को यूक्रेन में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करता है, तो अमेरिका रूसी ठिकानों पर हमला करेगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने पोलैंड के विदेश मंत्री सिकोरस्की की आलोचना की है। उन्होंने कहा, ‘जाहिर तौर पर उन्होंने अपने आकाओं को डराने का फैसला किया है।’ मेदवेदेव ने कहा कि वारसॉ (पोलैंड की राजधानी) के विपरीत, वाशिंगटन अधिक सतर्क रहा है। अमेरिका ने सार्वजनिक रूप से ऐसी धमकियाँ नहीं दी हैं। उन्होंने कहा, ‘अमेरिकियों द्वारा हमारे ठिकानों को निशाना बनाने का मतलब विश्व युद्ध शुरू करना है और एक विदेश मंत्री, यहाँ तक कि पोलैंड जैसे देश के विदेश मंत्री को भी यह बात समझनी चाहिए।’

क्या पोलैंड भी युद्ध चाहता है?
रूस के भूतपूर्व राष्ट्रपति मेदवेदेव ने हाल ही में पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा की उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर नाटो के साझाकरण तंत्र के तहत अवसर मिलता है तो पोलैंड अमेरिकी परमाणु हथियारों की मेजबानी करने के लिए तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि परमाणु संघर्ष की स्थिति में वारसॉ को बख्शा नहीं जाएगा। यह निश्चित रूप से इस युद्ध की आग में जल जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि क्या पोलिश नेतृत्व वास्तव में ऐसा परिणाम चाहता था।

पोलैंड के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
ब्रिटिश अखबार गार्जियन को दिए इंटरव्यू में पोलैंड के विदेश मंत्री सिकोरस्की ने यूक्रेन पर रूस द्वारा परमाणु हमले की संभावना पर संदेह जताया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने रूस को परमाणु हमला न करने की चेतावनी दी है। अमेरिका ने कहा है कि अगर रूस कोई परमाणु हमला करता है तो अमेरिका यूक्रेन में मौजूद सभी रूसी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला करेगा। सिकोरस्की ने इस चेतावनी को एक विश्वसनीय धमकी बताया। उन्होंने यह भी कहा कि चीन और भारत ने भी रूस को परमाणु हमले के खिलाफ चेतावनी दी है।

पोलैंड भड़क रहा है और जल रहा है?
पोलैंड के विदेश मंत्री द्वारा दिया गया बयान युद्ध की आग को और हवा देता दिख रहा है। अखबार को दिए गए साक्षात्कार में उन्होंने आगे तर्क दिया कि यूक्रेन के पश्चिमी सहयोगियों को कीव को रूस के अंदर सैन्य स्थलों को निशाना बनाने के लिए अपने हथियारों का इस्तेमाल करने की अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘रूस के पास परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं होगा।’ सिकोरस्की ने यूरोपीय संघ से आग्रह किया कि वह तनाव बढ़ने से न डरे और यूक्रेन संघर्ष में खुद पर लगाए गए प्रतिबंधों से बचें, जिससे मॉस्को पश्चिम के अगले कदम के बारे में अनिश्चित हो जाए।

परमाणु हमले पर रूस का रुख क्या है?
बता दें कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने मॉस्को पर परमाणु हमला करने का आरोप लगाया है। जबकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मार्च में जोर देकर कहा था कि यूक्रेन संघर्ष के दौरान रूस ने कभी भी परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने दोहराया कि रूस का परमाणु सिद्धांत ऐसे हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति तभी देता है जब देश के अस्तित्व को खतरा हो। उनके मुताबिक रूस परमाणु हथियारों को विदाई हथियार मानता है। बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था।

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