पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर कराई थी पति की हत्या, अब कोर्ट ने 3 लोगों को सुनाई उम्रकैद की सजा.

बुलन्दशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में कोर्ट ने प्रेम प्रसंग में आड़े आने पर पति की हत्या करने के मामले में पत्नी और उसके प्रेमी समेत तीन लोगों को दोषी करार दिया है और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. दोषियों पर सात-सात हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है. जहांगीरपुर थाना क्षेत्र में 9 अप्रैल 2017 को जवां गांव निवासी योगेन्द्र की फावड़े से टुकड़े-टुकड़े कर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद मृतक के पिता रतनपाल सिंह ने मामले में तहरीर देकर बताया था कि उसकी बेटा योगेन्द्र यह कहकर निकला था कि वह खेत में गेहूं काटने जा रहा है। उसका रक्तरंजित शव खेत में पड़ा मिला।

अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता पीएस लोधी व देवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि रतनपाल ने गांव निवासी तीन लोगों पर रंजिशन हत्या का आरोप लगाते हुए उन्हें नामजद किया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। जांच में तीनों का नामांकन गलत पाया गया. पुलिस जांच में योगेन्द्र की पत्नी मंजू की हालत संदिग्ध पाई गई। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की गई तो उसने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया.

पहले शराब पिलाई, फिर कर दी हत्या

मंजू का गांव जवां निवासी मनोज उर्फ ​​चौटाला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। योगेन्द्र उसका विरोध कर रहा था और योगेन्द्र ने उसे कई बार समझाया भी था। लेकिन, इसके बाद भी दोनों एक-दूसरे से मिलते रहे। योगेंद्र को अपने रास्ते से हटाने के लिए मंजू ने अपने प्रेमी मनोज के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची थी. फिर 9 अप्रैल 2017 को मनोज ने अपने एक अन्य दोस्त रूपेश निवासी गांव उदयपुर थाना खैर जिला अलीगढ़ के साथ मिलकर योगेन्द्र को खेत पर बुलाया था। वहां पहले उसे शराब पिलाई और फिर हत्या कर दी।

3 दोषियों को आजीवन कारावास

जांच के बाद पुलिस ने मंजू, मनोज और रूपेश के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर कोर्ट में पेश किया. अब अपर सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर तीनों को दोषी करार दिया है. दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ-साथ सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया.

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