पनामा पेपर्स घोटाले में नवाज शरीफ को बड़ी राहत, बेटों का गिरफ्तारी वारंट रद्द/पनामा पेपर्स घोटाले में नवाज शरीफ को बड़ी राहत, बेटों का गिरफ्तारी वारंट रद्द

छवि स्रोत: एपी
नवाज शरीफ, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री.

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के परिवार को कोर्ट से सबसे बड़ी राहत मिली है. भ्रष्टाचार निरोधक अदालत ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री के दोनों बेटों के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट रद्द कर दिया। इससे पहले चुनाव के दौरान भी नवाज को कई मामलों में राहत मिल चुकी है. चुनाव से पहले नवाज शरीफ को पाकिस्तान के अगले प्रधानमंत्री के लिए सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था. लेकिन सेना की पसंद उनके छोटे भाई शाहबाज़ शरीफ़ थे. इसलिए उनका कार्ड काट दिया गया. हालांकि, छोटे भाई शाहबाज के पीएम बनने से नवाज के परिवार को 8 साल पुराने इस मामले में बड़ी राहत मिली है।

बताया जा रहा है कि 2016 के पनामा पेपर्स घोटाले में नाम आने के बाद हसन नवाज और हुसैन नवाज ने 2018 में देश छोड़ दिया था। उन पर पनामा पेपर्स से संबंधित तीन भ्रष्टाचार मामलों में आरोप लगाए गए थे, लेकिन वे कभी अदालत में पेश नहीं हुए। कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था. इस्लामाबाद की भ्रष्टाचार निरोधक अदालत द्वारा 7 मार्च को उनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट को गुरुवार तक निलंबित करने के बाद दोनों भाई मंगलवार को पाकिस्तान लौट आए।

साथ ही 50,000 रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी

नवाज के बेटों की गिरफ्तारी वारंट निलंबित होने के साथ ही उनकी सुरक्षित देश वापसी की आखिरी बाधा भी दूर हो गई. गुरुवार को, हसन और हुसैन इस्लामाबाद स्थित जवाबदेही अदालत के सामने पेश हुए, जिसने दलीलें सुनने के बाद फ्लैगशिप, अल-अजीजिया और एवेनफील्ड भ्रष्टाचार मामलों में जारी स्थायी गिरफ्तारी वारंट रद्द कर दिया। अदालत ने 50,000 रुपये के मुचलके पर उनकी जमानत भी मंजूर कर ली. (भाषा)

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