‘पांडियन मेरे उत्तराधिकारी नहीं हैं’, नवीन पटनायक बोले- ओडिशा की जनता करेगी इसका फैसला

भुवनेश्वर. ओडिशा विधानसभा चुनाव के नतीजों के कुछ दिनों बाद निवर्तमान मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शनिवार को ओडिशा में बीजद की हार पर कहा, “यह लोगों के हाथ में है। लोकतंत्र में या तो आप जीतते हैं या हारते हैं। लंबे समय के बाद हारने के बाद, हमें हमेशा लोगों के फैसले को शालीनता से लेना चाहिए। मैंने हमेशा कहा है कि ओडिशा के 4.5 करोड़ लोग मेरा परिवार हैं और मैं हर संभव तरीके से उनकी सेवा करता रहूंगा।” उन्होंने कहा, “यह भी मेरे संज्ञान में आया है कि पांडियन की कुछ आलोचना हुई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। एक अधिकारी के रूप में, उन्होंने बहुत अच्छा काम किया। उन्होंने हमारे राज्य में दो चक्रवातों और कोविड-19 महामारी से निपटने में शानदार काम किया। बाद में, वह नौकरशाही से सेवानिवृत्त हुए और मेरी पार्टी में शामिल हो गए और उत्कृष्ट कार्य करके इसमें बहुत योगदान दिया। वह एक ईमानदार व्यक्ति हैं और इसके लिए उनका सम्मान किया जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि बीजू जनता दल (बीजद) के नेता वीके पांडियन उनके उत्तराधिकारी नहीं हैं और कहा कि राज्य के लोग इस पर फैसला करेंगे। 2000 बैच के आईएएस अधिकारी पांडियन दो दशक से अधिक समय तक पटनायक के निजी सचिव के रूप में काम कर चुके हैं। 2023 में वे खुद नौकरशाही से सेवानिवृत्त होने के बाद बीजद में शामिल हो गए। ओडिशा के भुवनेश्वर में पत्रकारों से बात करते हुए पटनायक ने कहा, “मैं कहना चाहूंगा कि श्री पांडियन ने स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और मंदिर जीर्णोद्धार के हमारे कार्यक्रम में भी काम किया है और मदद की है।” नवीन पटनायक ने कहा, “पांडियन पार्टी में शामिल हुए, लेकिन उन्हें कोई पद नहीं मिला। जब भी मुझसे मेरे उत्तराधिकारी के बारे में पूछा गया, मैंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह पांडियन नहीं हैं। मैं इसे दोहराता हूं। ओडिशा के लोग मेरे उत्तराधिकारी का फैसला करेंगे।”

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ओडिशा विधानसभा चुनाव में बीजू जनता दल को भारतीय जनता पार्टी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। जिससे नवीन पटनायक का 24 साल का शासन खत्म हो गया। ओडिशा की जनता का आभार जताते हुए पटनायक ने कहा, ‘मुझे बार-बार आशीर्वाद देने के लिए ओडिशा की जनता का मैं तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं। साथ ही मुझे लगता है कि हमने हमेशा बेहतरीन काम करने की कोशिश की है और हमें अपनी सरकार और अपनी पार्टी पर गर्व करने के लिए बहुत कुछ है।’ राज्य विधानसभा और संसदीय चुनावों में भारी हार के बाद ओडिशा के सीएम और बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक का 24 साल का कार्यकाल खत्म हो गया। उन्होंने बुधवार को भुवनेश्वर स्थित राजभवन में ओडिशा के राज्यपाल रघुबर दास को अपना इस्तीफा सौंप दिया। 147 सीटों वाली विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी को 78 सीटें मिलीं। बीजेडी को 51 और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 14 सीटें मिलीं।

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