पाकिस्तान चुनाव आयोग ने इमरान खान की पार्टी से बल्ला का चुनाव चिन्ह वापस ले लिया है

पाकिस्तान कीखबरें: पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने शुक्रवार (22 दिसंबर) को इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से बल्ला चुनाव चिह्न वापस ले लिया। पार्टी के अंदर चुनाव नहीं कराने पर चुनाव आयोग ने यह कार्रवाई की है.

इससे पहले, पेशावर हाई कोर्ट ने गुरुवार (21 दिसंबर) को चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि वह पीटीआई के इंट्रा-पार्टी चुनाव और चुनाव चिन्ह पर कानून के मुताबिक फैसला ले। गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर सुल्तान राजा की अध्यक्षता वाली भारतीय चुनाव आयोग (ईसीपी) की पांच सदस्यीय पीठ ने जून में हुए पीटीआई के अंतर-दलीय चुनावों को अवैध घोषित कर दिया था।

ईसीपी ने इन चुनावों को अवैध घोषित कर दिया
पीटीआई ने जून 2022 में अंतर-पार्टी चुनाव कराए थे। इसमें बैरिस्टर गौहर अली आसानी से पार्टी के नए अध्यक्ष चुने गए। हालाँकि, ईसीपी ने इन चुनावों को अवैध घोषित कर दिया था और 20 दिनों के भीतर फिर से चुनाव कराने का आदेश दिया था।

‘ईसीपी को लेकर थी चिंता’
इस संबंध में पीटीआई अध्यक्ष गौहर ने कहा कि पार्टी पहले से ही ईसीपी को लेकर चिंतित थी. जियो न्यूज से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े मामलों की तुलना में पीटीआई के मामले को अधिक विस्तार से देख रहा है।

‘प्रतिशोध की राजनीति पर आधारित फैसला’
उन्होंने कहा, “हमने अपना चुनाव कानून और संविधान के मुताबिक कराया था. हमने ईसीपी से पूछा कि हमें बताएं कि किस धारा और कानून का उल्लंघन किया गया है.” गौहर ने कहा कि यह निजी प्रतिशोध पर आधारित राजनीतिक फैसला है. उन्होंने कहा कि साजिश का मकसद हमसे बदला लेना और पार्टी प्रत्याशियों व मतदाताओं को भ्रमित करना है.

पार्टी के उम्मीदवार स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे
इस बीच, ईसीपी के पूर्व सचिव कंवर मुहम्मद दिलशाद ने कहा कि फैसले के बाद पार्टी उम्मीदवारों को स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में आम चुनाव लड़ना होगा। दिलशाद ने यह भी कहा कि देश के चुनाव कानूनों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो बार-बार इंट्रा-पार्टी चुनाव की अनुमति देता हो।

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