पाकिस्तान चुनाव ओपिनियन पोल कौन बनेगा पीएम नवाज शरीफ इमरान खान या बिलावल भुट्टो जरदारी

पाकिस्तान चुनाव ओपिनियन पोल: पाकिस्तान में 8 फरवरी को आम चुनाव होंगे. वहां किसकी सरकार बनेगी, अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, इमरान खान को नहीं तो क्या बिलावल भुट्टो जरदारी या नवाज शरीफ को मौका मिलेगा, ऐसे तमाम सवाल जनता के मन में हैं.

हाल ही में हुए एक ओपिनियन पोल में चुनाव से पहले पाकिस्तान की जनता के मूड को लेकर दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं. ये ओपिनियन पोल जीएनएन ने कराया है.

पाकिस्तान में तीन प्रमुख राजनीतिक दल हैं, जिनमें नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन), बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) शामिल हैं।

क्या इमरान खान की पार्टी लड़ पाएगी चुनाव?

इमरान खान की पार्टी की वैधता चुनाव आयोग की इच्छा पर निर्भर करती है. डर है कि इमरान खान की पार्टी चुनाव से बाहर हो जाएगी क्योंकि उन पर भ्रष्टाचार का आरोप है. वह तोशाखान और साइफर मामलों में दोषी हैं। पूर्व प्रधानमंत्री का पार्टी चिन्ह जब्त कर लिया गया है जबकि उनकी पार्टी का नाम चुनाव आयोग की सूची में भी नहीं है.

पाकिस्तान के सभी प्रांतों में सर्वेक्षण कराया गया

ऐसे में नवाज शरीफ और बिलावल भुट्टो की पार्टी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलने की संभावना है. अगर पाकिस्तान के दो सबसे बड़े और सबसे पुराने राजनीतिक राजवंशों के बीच चुनाव हों तो लोग किसे पसंद करेंगे? पाकिस्तान के सभी प्रांतों में लोगों के दिलों को टटोला गया है.

पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और केंद्र शासित प्रदेश इस्लामाबाद के लोगों से बात की गई. नई सरकार बनाने के लिए लोगों ने जो कारण बताए वो चौंकाने वाले हैं.

पंजाब प्रांत में नेशनल असेंबली की 141 सीटें हैं. यहां हुए ओपिनियन पोल में जनता ने कहा कि नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएलएन को 96 सीटें और बिलावल भुट्टो की पीपीपी को 10 सीटें मिल सकती हैं. जबकि अन्य को 35 सीटें मिलने का अनुमान है.

पाकिस्तान का ओपिनियन पोल- क्या है पंजाब का मूड?
स्रोत- जीएनएन
कुल- 141 सीटें
नवाज़ शरीफ़ (पीएमएलएन)- 96
बिलावल भुट्टो (पीपीपी)- 10
अन्य- 35

सिंध प्रांत में नेशनल असेंबली की 61 सीटें हैं। ओपिनियन पोल के आंकड़ों के मुताबिक, नवाज शरीफ की पार्टी को यहां सिर्फ 2 सीटें मिल सकती हैं और बिलावल भुट्टो की पार्टी को 35 सीटें मिल सकती हैं। जबकि अन्य को 24 सीटें मिलने का अनुमान है.

पाकिस्तान में किसकी सरकार?- सिंध का मूड क्या है?
स्रोत- जीएनएन
कुल- 61 सीटें
नवाज शरीफ (पीएमएल-एन)- 02
बिलावल भुट्टो (पीपीपी)- 35
अन्य- 24

केंद्र शासित प्रदेश इस्लामाबाद में कुल 3 नेशनल असेंबली सीटें हैं। जनता की राय के मुताबिक पीएमएलएन को 2 सीटें और अन्य को 1 सीट मिलने का अनुमान है. जबकि बिलावल भुट्टो की पीपीपी को यहां एक भी सीट मिलने का अनुमान नहीं है.

पाकिस्तान का ओपिनियन पोल- क्या है इस्लामाबाद का मूड?
स्रोत- जीएनएन
कुल- 03 सीटें
नवाज शरीफ (पीएमएल-एन)- 02
बिलावल भुट्टो (पीपीपी)- 00
अन्य- 01

खैबर पख्तूनख्वा में कुल 45 नेशनल असेंबली सीटें हैं। जनता की राय में यहां के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। ओपिनियन पोल के मुताबिक, 45 सीटों में से पीएमएलएन को 5 और पीपीपी को 5 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि अन्य को अधिकतम 35 सीटें मिल सकती हैं.

पाकिस्तान का ओपिनियन पोल- क्या है खैबर पख्तूनख्वा का मूड?
स्रोत- जीएनएन
कुल- 45 सीटें
नवाज शरीफ (पीएमएल-एन)- 05
बिलावल भुट्टो (पीपीपी)- 05
अन्य- 35

बलूचिस्तान में कुल 16 नेशनल असेंबली सीटें हैं। यहां भी जनता की राय हैरान करने वाली है. यहां पीएमएलएन को सिर्फ 2 सीटें और पीपीपी को 5 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि अन्य के खाते में अधिकतम 9 सीटें जा सकती हैं.

पाकिस्तान का ओपिनियन पोल- क्या है बलूचिस्तान का मूड?
स्रोत- जीएनएन
कुल- 16 सीटें
नवाज शरीफ (पीएमएल-एन)- 02
बिलावल भुट्टो (पीपीपी)- 05
अन्य – 09

इमरान खान को लेकर सस्पेंस बरकरार है, ऐसे में ओपिनियन पोल में प्रधानमंत्री पद को लेकर पूछे गए सवाल पर लोगों ने दिलचस्प प्रतिक्रियाएं दी हैं. कुल 266 सीटों पर किए गए सर्वे में नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएलएन को 107 सीटें और बिलावल भुट्टो की पीपीपी को 55 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं अन्य के खाते में 104 सीटें जाने का अनुमान है. अगर ओपिनियन पोल के आंकड़े हकीकत में बदलते हैं तो नवाज शरीफ के प्रधानमंत्री बनने की प्रबल संभावना बन जाएगी.

पाकिस्तान का ओपिनियन पोल- कौन बनेगा प्रधानमंत्री?
स्रोत- जीएनएन
कुल सीटें- 266
नवाज शरीफ- 107
बिलावल भुट्टो- 55
अन्य- 104

आपको बता दें कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में 336 सीटें हैं लेकिन 266 सीटों के लिए चुनाव होता है, बाकी 70 सीटें मनोनीत सदस्य होती हैं। सरकार बनाने के लिए 134 सीटों की जरूरत है. इस बार इन 134 सीटों पर जिन मुद्दों पर चुनाव लड़ा जा रहा है उनमें महंगाई का मुद्दा अहम है, इसके अलावा गरीबी, बेरोजगारी, कश्मीर मुद्दा, मोदी और भारत की प्रगति का मुद्दा, विदेश में पाकिस्तान की छवि और इजराइल-हमास युद्ध . के संबंध में एक मुद्दा है.

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