पाकिस्तान में चुनाव से पहले बड़ी आतंकी घटना, भारी गोलीबारी में 10 सुरक्षाकर्मियों की मौत

छवि स्रोत: फ़ाइल
पाकिस्तान में चुनाव से पहले बड़ी आतंकी वारदात

पाकिस्तान कीखबरें: पाकिस्तान में 8 फरवरी को चुनाव से पहले बड़ी आतंकी घटना हुई है. जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के डेरा इस्माइल खान में एक पुलिस स्टेशन पर हुए आतंकी हमले में 10 पुलिसकर्मी मारे गए हैं. हमला आधी रात के बाद हुआ, जब ज्यादातर पुलिसकर्मी सो रहे थे. सोते हुए पुलिसकर्मियों पर हमले के दौरान जवाबी कार्रवाई का उचित मौका नहीं मिला. पाकिस्तान में हाल के दिनों में लगातार आतंकी हमले हुए हैं. अस्थिर पाकिस्तान की अंतरिम सरकार इन्हें रोकने में नाकाम रही है. हमारे ही पाले हुए आतंकी आज पाकिस्तान के लिए ‘नासूर’ बनकर कहर बरपा रहे हैं. ताजा मामला डेरा इस्माइल जिले का है. यहां 8 फरवरी को आम चुनाव से पहले हुए आतंकी हमले में 10 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है. छह अन्य लोग घायल हो गए हैं. घायलों को डेरा इस्माइल खान अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

सुबह 3 बजे सोते हुए पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया

पुलिस ने बताया कि आतंकवादियों ने तड़के तीन बजे जिले की तहसील दरबान में पुलिस थाने पर भारी हथियारों से हमला कर दिया. हमले के बाद आतंकी अपने कुछ साथियों को छुड़ाने में भी कामयाब रहे. लौटते समय उन्होंने थाने में रखे हथियार भी लूट लिये.

आतंकियों ने फायरिंग की और ग्रेनेड फेंके

रिपोर्ट के मुताबिक, हमला देर रात तब किया गया जब थाने के ज्यादातर पुलिसकर्मी सो रहे थे. हमले से पहले आतंकियों ने स्नाइपर फायरिंग की और फिर चौधावन पुलिस स्टेशन में घुस गए. उन्होंने थाने में तैनात पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध फायरिंग की. पुलिस उपाधीक्षक अनीसुल हसन ने कहा है कि आतंकवादियों ने पुलिस स्टेशन पर कई हथगोले भी फेंके. खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस महानिरीक्षक अख्तर हयात ने घटना और हताहतों की संख्या की पुष्टि की।

आतंकियों की तलाश में जुटी पुलिस

हमले के तुरंत बाद दक्षिण वजीरिस्तान कबायली जिला, टैंक और डेरा गाजी खान की ओर जाने वाली सड़कों पर यातायात रोक दिया गया। पुलिस की कई टीमें बड़े पैमाने पर आतंकियों की तलाश कर रही हैं. माना जा रहा है कि इस हमले के पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का हाथ हो सकता है, हालांकि अभी तक किसी आतंकी समूह ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है.

आम चुनाव 8 फरवरी को हैं

पाकिस्तान में 8 फरवरी को आम चुनाव हैं. लेकिन इससे पहले इतनी बड़ी आतंकी गतिविधियों ने चुनाव के शांतिपूर्ण और निष्पक्ष संपन्न होने पर सवालिया निशान लगा दिया है. दुनिया में आतंकियों की पनाहगाह के रूप में मशहूर पाकिस्तान आज खुद आतंकवाद का शिकार बन गया है. इसके पीछे वह खुद दोषी हैं.’ जिन आतंकियों को पाला-पोसा, जिन आतंकी संगठनों को पनाह दी, आज वही पाकिस्तान के लिए ‘भस्मासुर’ बन गए हैं.

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