पुणे सत्र अदालत ने सावरकर के परिजनों द्वारा दायर मानहानि मामले में राहुल गांधी को पेश होने को कहा

राहुल गांधी ताज़ा खबर: पुणे की एक सत्र अदालत ने गुरुवार (30 मई, 2024) को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 19 अगस्त को अदालत में पेश होने का आदेश दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) अक्षी जैन की अदालत ने वीर सावरकर से जुड़े मानहानि के एक मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि यह अपील विनायक दामोदर सावरकर के पोते सत्यकी सावरकर ने दायर की है। इसमें राहुल गांधी पर हिंदुत्व विचारक को बदनाम करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि सुनवाई के दौरान राहुल गांधी का प्रतिनिधित्व किसी वकील ने नहीं किया, इसलिए विस्तृत आदेश अभी उपलब्ध नहीं कराया गया है।

विवाद कहां से शुरू हुआ?

दरअसल, वीर सावरकर के पोते सत्यकी सावरकर की ओर से दर्ज कराई गई इस शिकायत में कहा गया है कि राहुल गांधी ने मार्च 2023 में लंदन में एक कार्यक्रम में वीर सावरकर पर भाषण देते हुए कहा था कि वीर सावरकर ने अपनी किताब में लिखा है कि उन्होंने और उनके पांच-छह दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और सावरकर को ऐसा करने में खुशी महसूस हुई थी।

सावरकर के पोते ने दर्ज कराई थी शिकायत

सत्यकी सावरकर ने कहा कि राहुल गांधी का यह बयान पूरी तरह से गलत, झूठा और काल्पनिक है। ऐसी कोई घटना कभी हुई ही नहीं और वीर सावरकर ने कभी भी कहीं ऐसा कुछ नहीं लिखा। सत्यकी ने इस झूठे बयान के खिलाफ पुणे सेशन कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया था। इसके बाद कोर्ट ने विश्रामबाग पुलिस को धारा 204 के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया था। इस मामले में गुरुवार को सेशन कोर्ट में सुनवाई हुई और कोर्ट ने राहुल गांधी को अगली सुनवाई पर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।

ये भी पढ़ें

हीटवेव इन इंडिया: ‘हीटवेव से मौत पर परिवार को मिले मुआवजा, हीटवेव को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए’, हीटवेव से मौतों पर हाईकोर्ट सख्त