भारत को 10 हजार मेगावाट बिजली देगा नेपाल, चीन को मिलेगा 33 हजार वोल्ट का करंट/नेपाल अपने मित्र देश भारत को देगा इतने हजार मेगावाट बिजली, चीन को मिलेगा 33 हजार वोल्ट का करंट

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पीएम नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड।

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर अगले साल जनवरी के पहले हफ्ते में नेपाल का दौरा करने वाले हैं. इस दौरान भारत और नेपाल अपने प्राचीन संबंधों को और मजबूत करने के लिए द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड के साथ विदेश मंत्री जयशंकर की बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच एक बड़े बिजली समझौते पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं. इसके तहत नेपाल भारत को 10 हजार मेगावाट बिजली की आपूर्ति करेगा. नेपाल भारत को यह बिजली किफायती दर पर उपलब्ध कराएगा। इससे जहां भारत ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत होगा, वहीं इतने बड़े पैमाने पर बिजली बेचने से नेपाल में समृद्धि आएगी.

भारत और नेपाल के बीच इस बिजली समझौते से चीन को बड़ा झटका लगने की आशंका है. नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने शुक्रवार को कहा कि जनवरी के पहले सप्ताह में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की यात्रा के दौरान भारत और नेपाल एक दीर्घकालिक बिजली समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के इनारुवा सबस्टेशन के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए प्रचंड ने कहा कि नेपाल बिजली उत्पादन के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम कर रहा है. उन्होंने कहा, ”जनवरी के पहले सप्ताह में एस जयशंकर की आगामी नेपाल यात्रा के दौरान नेपाल और भारत के बीच एक दीर्घकालिक समझौता होगा.

यह समझौता प्रचंड की भारत यात्रा के दौरान हुआ था

प्रचंड की भारत यात्रा के करीब छह महीने बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच बिजली समझौते पर हस्ताक्षर होंगे. उस समय दोनों देश सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए थे कि भारत अगले 10 वर्षों में नेपाल से 10,000 मेगावाट जल विद्युत आयात करेगा। हालांकि, इसे लेकर अभी औपचारिक सहमति नहीं बन पाई है. नेपाल पिछले कुछ समय से अपनी जलविद्युत उत्पादन क्षमता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और उसने अपने कई बिजली संयंत्र बनाए हैं। सुनसारी जिले के भोकराहा नरसिंह ग्रामीण नगर पालिका-4 में निर्मित 400 केवी इनारुवा सबस्टेशन देश में निर्मित दूसरा सबसे बड़ा सबस्टेशन है। (भाषा)

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