मालदीव चुनाव परिणाम में मोहम्मद मुइज्जू की पार्टी पीएनसी को बड़ी जीत मिली, मालदीव में भारत समर्थक एमडीपी धराशायी हो गई

मालदीव चुनाव परिणाम 2024: मालदीव के संसदीय चुनाव में मोहम्मद मुइज्जू की पार्टी पीएनसी को बड़ी जीत मिली है, जबकि विपक्षी पार्टी एमडीपी को निराशा हाथ लगी है. ऐसे में माना जा रहा है कि एक बार फिर मालदीव की जनता को भारत विरोधी मुइज्जू पसंद आ गए हैं. 93 सीटों वाली मालदीव संसद में पीएनसी को 66 सीटें मिली हैं, जबकि हाल ही में माले में हुए मेयर चुनाव में मुइज्जू की पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा।

दरअसल, 20वीं पीपुल्स मजलिस के लिए रविवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजे से शाम 5:30 बजे तक वोटिंग हुई। कुल 93 सीटों पर वोटिंग हुई, जिनमें से मुइज्जू की पार्टी पीपुल्स नेशनल कांग्रेस ने 66 सीटों पर जीत हासिल की. पीएनसी ने कुल 90 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जबकि मुख्य विपक्षी पार्टी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) को 12 सीटों से संतोष करना पड़ा था। ऐसे में अब पीएनसी ने मालदीव की संसद पर कब्जा कर लिया है. 8 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है, बाकी सीटें अन्य छोटी पार्टियों ने जीती हैं.

संसद में एमडीपी का बहुमत ख़त्म
पिछले साल मोहम्मद सोलिह को हराकर मोहम्मद मुइज्जू मालदीव के राष्ट्रपति बने थे, लेकिन मालदीव की संसद में पीएनसी के पास बहुमत नहीं था. संसद में बहुमत न होने के कारण मुइज्जू मालदीव में बड़े बदलाव नहीं कर पाए. चुनाव से पहले मुइज्जू ने देश की जनता से मालदीव की संसद में बहुमत हासिल करने की अपील की थी. मोहम्मद मुइज्जू को चीन समर्थक नेता के तौर पर देखा जाता है. ऐसे में मुइज्जू मालदीव में बड़े बदलाव करना चाहते हैं, जो अब उनके लिए आसान हो गया है. साथ ही अब संसद में एमडीपी का बहुमत भी ख़त्म हो गया है. मालदीव में संसदीय चुनाव पांच साल के लिए होते हैं, जबकि राष्ट्रपति चुनाव अलग से होते हैं।

भारत-मालदीव संबंधों पर पड़ेगा प्रतिकूल असर
इस चुनाव का सबसे बुरा असर मालदीव और भारत के रिश्तों पर पड़ने वाला है, क्योंकि मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद भारत और मालदीव के रिश्ते पहले से ही खराब चल रहे हैं. अब संसद पर कब्ज़ा करने के बाद चीन को मालदीव में बड़े मौके मिलेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन मालदीव में सैन्य अड्डा बनाना चाहता है। हाल ही में मालदीव और चीन के बीच कई गुप्त समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। चीन ने मालदीव को मुफ्त सैन्य सहायता देने की बात कही है.

यह भी पढ़ें: मालदीव चुनाव 2024: भारत-मालदीव संबंधों पर फिर पड़ सकता है ‘मुइज्जू ग्रहण’! चुनाव में पार्टी को बढ़त मिली