रमजान 2024 सऊदी अरब मंत्रालय ने सऊदी अरब में इफ्तार पर प्रतिबंध लगा दिया

रमज़ान 2024: इस साल 10 मार्च से रमजान का पवित्र महीना शुरू हो रहा है. इस्लाम का केंद्र माने जाने वाले सऊदी अरब में भी इस खास महीने की तैयारियां शुरू हो गई हैं. हर साल रमज़ान से पहले सऊदी अरब की ओर से कुछ नई गाइडलाइंस जारी की जाती हैं. इस साल भी नए नियम सामने आए हैं. जारी नियमों के मुताबिक, अब लोग मस्जिदों में इफ्तार पार्टी नहीं करेंगे. इसके पीछे की वजह भी बताई गई है.

दरअसल, सऊदी इस्लामिक मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि इफ्तार से मस्जिदों में काफी गंदगी फैलती है. इसलिए मस्जिदों को साफ रखने के लिए इसे बाहर रखना चाहिए। नए नियमों के मुताबिक, इफ्तार का आयोजन किसी अन्य स्थान पर या मस्जिद के प्रांगण में किया जा सकता है.

इतना ही नहीं इस्लामिक मामलों के मंत्रालय की ओर से कई अन्य प्रतिबंध भी लगाए गए हैं. जैसे मस्जिदों के अंदर कैमरों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है. अब इमामों की तकरीरें लाइव नहीं की जाएंगी. अब इमाम इफ्तार के लिए लोगों से चंदा भी नहीं लेंगे.

गौरतलब है कि रमजान के पवित्र महीने में रोजा खोलने के लिए ज्यादातर मस्जिदें शाम को खाने-पीने की व्यवस्था करती हैं। ये नेक काम गरीब और असहाय लोगों के लिए किया जाता है. जिनके पास अपना रोज़ा तोड़ने के लिए कुछ भी नहीं है.

रमज़ान का महत्व क्या है?

रमजान के पवित्र महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग पैगंबर मोहम्मद के दिखाए नेक रास्ते पर चलने की कोशिश करते हैं. इस दौरान वह बुरे कामों से दूर रहता है और अपने रिश्तेदारों की दिल से मदद करता है।

व्रत के दौरान व्रती सुबह से लेकर सूर्यास्त तक खाने-पीने से पूरी तरह परहेज करता है। रमजान पूरा होने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग ईद-उल-फितर का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाते हैं।

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