रूसी अरबपति की नाव पर कब्जा करना अमेरिका को पड़ा भारी, पहले पहुंचाया 165 करोड़ रुपए का नुकसान, अब कोर्ट में लगा रहा गुहार

नई दिल्ली। यूक्रेन पर युद्ध छेड़ने के बाद अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने रूस पर भारी प्रतिबंध लगा दिए. इससे रूस को निश्चित ही नुकसान उठाना पड़ा। हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें पता चला कि प्रतिबंधों के तहत एक रूसी अरबपति की नाव पर कब्ज़ा करने के चक्कर में अमेरिका को ही भारी नुकसान हुआ है. रूसी नाव के पकड़े जाने से अमेरिका को करीब 20 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ. भारतीय मुद्रा में यह रकम 165 करोड़ रुपये से ज्यादा है.

हुआ ये कि अमेरिका ने रूस के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए उसके एक अरबपति की नाव तो जब्त कर ली लेकिन प्रशासन ये अंदाजा लगाना भूल गया कि इतनी बड़ी नाव के रखरखाव पर उसे कितना खर्च करना पड़ेगा. बताया गया कि अमेरिका को पार्किंग और उसके रखरखाव में प्रति माह 10 लाख डॉलर का खर्च उठाना पड़ता है.

यह लग्जरी नाव रूसी अरबपति सुलेमान केरीमोव की है जिसे साल 2022 में जब्त कर लिया गया था। इस नाव का नाम अमादिया है, जो कुल 348 फीट की नाव है। इसकी कुल लागत 300 मिलियन डॉलर बताई जाती है। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत लगभग 2500 करोड़ रुपये है।

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अमेरिका ने कोर्ट में अपील की
अमेरिकी प्रशासन अब यह खर्च वहन नहीं करना चाहता. यही वजह है कि मामला अब कोर्ट के सामने पहुंच गया है. अमेरिकी प्रशासन ने इस लग्जरी बोट को बेचने की इजाजत मांगी है. सीरिया और यूक्रेन में रूस की गतिविधियों के जवाब में रूसी अरबपति केरिमोव पर 2014 में और फिर 2018 में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा प्रतिबंध लगाया गया था। अदालती दस्तावेज़ों के अनुसार, अमाडिया की मासिक लागत $600,000 है, जिसमें चालक दल के लिए $360,000 भी शामिल है; ईंधन के लिए $75,000; और इसमें रखरखाव के लिए $165,000 शामिल हैं।

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