रूस-अमेरिका: रूसी लड़ाकू विमान ने अमेरिकी बॉम्बर को रौंदा, ‘महाशक्ति’ का घमंड चूर!

रूस-अमेरिका: इधर रूस ने अपने क्षेत्र में आने पर अमेरिकी सुपरसोनिक बमवर्षकों को खदेड़ने का दावा किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दो अमेरिकी सुपरसोनिक बमवर्षकों पर बैरेंट्स सागर के ऊपर रूस की सीमा में प्रवेश करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। बैरेंट्स सागर रूस और नाटो सदस्य देशों नॉर्वे, फ़िनलैंड और स्वीडन के उत्तर में स्थित है। रूस और अमेरिका के बीच इस झड़प को लेकर अभी तक अमेरिका की ओर से कोई बयान नहीं आया है. इस घटना के बाद अमेरिका और रूस के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है.

नाटो देश सैन्य अभ्यास कर रहे हैं
दरअसल, नाटो देश बैरेंट्स सागर के ऊपर ‘नॉर्डिक रिस्पॉन्स’ नाम से सैन्य अभ्यास कर रहे हैं। पिछले एक दशक में नाटो देशों का यह सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास बताया जा रहा है. इस अभ्यास में 32 देशों की सेनाएं रूस के हमले का जवाब देने के लिए अभ्यास कर रही हैं. रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, दो अमेरिकी बी-1बी सुपरसोनिक बमवर्षक रूसी सीमा की ओर आ रहे थे, जिनका जवाब देने के लिए रूस ने अपना मिग-31 विमान भेजा था. यह घटना तब हुई है जब रूस पिछले शुक्रवार को मॉस्को में हुए आतंकवादी हमले के बाद शोक मना रहा है, जिसमें 133 लोगों के मारे जाने की खबर है.

अमेरिका के बमवर्षक की ताकत
अमेरिकी वायु सेना का B-1B बमवर्षक विमान शीत युद्ध के बाद से अमेरिकी सेना में सेवा दे रहा है। यह विमान 34 हजार किलोग्राम तक वजन ले जाने में सक्षम है। अमेरिकी बमवर्षक विमान परमाणु हथियारों से लैस हो सकते हैं. बी-1बी विमान की लंबाई 146 फीट बताई जा रही है, जो अब तक बने सबसे बड़े सुपरसोनिक विमानों में से एक है।

रूस के मिग-31 फाइटर जेट की ताकत
रूस ने जिस मिग-31 फाइटर जेट से अमेरिकी जेट को खदेड़ा था, वह B-1B से काफी छोटा है. इस विमान को मिसाइल और बमवर्षक विमानों का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह रूसी विमान 3000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम है और अपने साथ कई मिसाइलें भी ले जा सकता है। आपको बता दें कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से रूस और पश्चिमी देशों के बीच लगातार तनाव बना हुआ है. रूस के राष्ट्रपति ने पश्चिमी देशों को इस युद्ध से दूर रहने को कहा है, पुतिन ने कहा कि अगर वे इस युद्ध के बीच में आए तो रूस परमाणु हमला कर सकता है.

यह भी पढ़ें: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सिंगापुर में कहा, भारत और रूस एक-दूसरे के हितों का ख्याल रखते हैं, मॉस्को आतंकी हमले पर जताया दुख