लोकसभा चुनाव परिणाम 2024 नरेंद्र मोदी कैबिनेट एनडीए डील नीतीश कुमार चंद्रबाबू नायडू टीडीपी जेडीयू

लोकसभा चुनाव परिणाम 2024: 4 जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से ही नई सरकार के गठन को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। अब जबकि यह तय हो गया है कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, तो उनके मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा जोर पकड़ चुकी है। दरअसल, अगर भाजपा को बहुमत नहीं मिलता है तो एनडीए की बहुमत वाली सरकार बन रही है, ऐसे में टीडीपी के चंद्रबाबू नायडू और जेडीयू के नीतीश कुमार की भूमिका को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक शपथ ग्रहण समारोह के लिए 9 जून की तारीख तय की गई है, वहीं राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। कई विदेशी मेहमानों को भी आमंत्रित किया गया है। इन सबके बीच बीजेपी चाहती है कि इससे पहले सहयोगी दलों के साथ सारी बातें फाइनल हो जाएं। अब किन बातों पर चर्चा होनी है।

जेडीयू की मांग

सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली जेडीयू बिहार राज्य के लिए विशेष दर्जा की मांग कर रही है, इसके अलावा उसने 3 कैबिनेट और 4 राज्य मंत्रियों की भी मांग की है।

टीडीपी की मांगें

वहीं, चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने के साथ ही 5 मंत्रालय की मांग कर रही है।

शिवसेना की मांग

शिवसेना (शिंदे) गुट की मांग है कि उसे 3 कैबिनेट और 2 राज्य मंत्री पद मिलने चाहिए। चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी की मांग है कि उसे 1 कैबिनेट और 2 राज्य मंत्री पद मिलने चाहिए। जीतन राम मांझी की पार्टी एचएएम ने एक राज्य मंत्री और इसी तरह अनुप्रिया पटेल ने भी एक राज्य मंत्री की मांग की है।

विभाजन किस सूत्र पर होगा?

पिछली सरकार में हर 5 सांसद पर एक कैबिनेट पद दिया गया था। क्या इस बार भी यही फॉर्मूला अपनाया जाएगा क्योंकि इस बार सहयोगी दलों की संख्या भी ज़्यादा है। 41 सांसद सहयोगी दलों के हैं जिनके भरोसे नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे। अगर हर तीन सांसद पर एक मंत्री पद दिया जाए तो सहयोगी दलों की मांग पूरी हो सकती है। अब देखना ये है कि बीजेपी कौन सा फॉर्मूला अपनाती है।

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