शीर्ष अदालत का एक फैसला…और कैसे बढ़ी निखिल गुप्ता की मुश्किलें? पन्नू मामले में बड़ा अपडेट- खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नून की हत्या की कोशिश, निखिल गुप्ता को अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया, चेक गणराज्य की शीर्ष अदालत का फैसला

नई दिल्ली। खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कोशिश के मामले में बड़ा अपडेट आया है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में आरोपी बनाए जा रहे निखिल गुप्ता को अमेरिका प्रत्यर्पित करने का रास्ता लगभग साफ हो गया है. चेक गणराज्य की शीर्ष अदालत ने निखिल गुप्ता की याचिका और आपत्तियों को खारिज करते हुए उसे अमेरिका प्रत्यर्पित करने के पक्ष में फैसला सुनाया है. अब चेक गणराज्य के न्याय मंत्रालय को निखिल गुप्ता को अमेरिका प्रत्यर्पित करने पर अंतिम फैसला लेना है. अमेरिका ने आतंकी पन्नू की हत्या की नाकाम कोशिश में निखिल गुप्ता को आरोपी बनाया है. वॉशिंगटन ने चेक सरकार से उसके प्रत्यर्पण की मांग की थी. निचली अदालत और हाई कोर्ट के बाद अब शीर्ष अदालत ने भी निखिल के प्रत्यर्पण को हरी झंडी देकर निखिल गुप्ता को बड़ा झटका दिया है.

निखिल गुप्ता को करीब एक साल पहले पराग्वे में गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद अमेरिका ने निखिल के प्रत्यर्पण की गुहार लगाई थी, ताकि पन्नू मामले में उसके खिलाफ केस चलाया जा सके. इसके खिलाफ निखिल गुप्ता ने चेक गणराज्य की अदालत में याचिका दायर की थी. 23 नवंबर 2023 को पराग्वे की ट्रायल कोर्ट (म्यूनिसिपल कोर्ट) ने निखिल की अर्जी खारिज कर दी और उसके प्रत्यर्पण का आदेश दिया. इसे निखिल ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. हाई कोर्ट ने 8 जनवरी 2024 को ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था। इसके बाद निखिल गुप्ता ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने भी निखिल गुप्ता की याचिका खारिज कर दी है और उसके अमेरिका प्रत्यर्पण का रास्ता साफ कर दिया है.

गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश में शामिल था रॉ अधिकारी, ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट में सनसनीखेज दावा

निखिल गुप्ता ने प्रत्यर्पण का विरोध किया था
रिपोर्ट के मुताबिक, निखिल गुप्ता ने अमेरिका में अपने प्रत्यर्पण का विरोध किया था. उन्होंने अदालत से मामले की राजनीतिक प्रकृति का संज्ञान लेने और सभी दस्तावेजों की जांच करने का आग्रह किया था। निखिल गुप्ता के वकील की दलील पर शीर्ष अदालत ने कहा कि अदालत ने न केवल अमेरिका द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रत्यर्पण दस्तावेज की जांच की है, बल्कि निखिल गुप्ता के विरोध पर अमेरिका द्वारा उपलब्ध कराये गये अतिरिक्त दस्तावेज को भी गहनता से देखा और जांचा है.

अमेरिकी मीडिया का सनसनीखेज दावा
खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की नाकाम कोशिश को लेकर अमेरिकी मीडिया ने सनसनीखेज दावा किया है। ‘वाशिंगटन पोस्ट’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका में विक्रम यादव नाम का एक रॉ अधिकारी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कोशिश की साजिश में शामिल था और इस कदम को भारतीय जासूसी एजेंसी के तत्कालीन प्रमुख सामंत गोयल ने मंजूरी दी थी। एक मीडिया खबर में यह दावा किया गया है। पन्नू खालिस्तान आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक है और सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) का कानूनी सलाहकार और प्रवक्ता है। एसएफजे का उद्देश्य एक अलग सिख राष्ट्र के विचार को बढ़ावा देना है। आपको बता दें कि भारत सरकार ने पन्नू को आतंकवादी घोषित किया है।

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