सालों से सूखे पड़े थे दो कुएं, अचानक अंदर गिरा पत्थर, सुनाई दी ‘छपाक’ की आवाज, दो गांवों में खुशी की लहर, हुई सभा

अलवर. अलवर जिले के कठूमर उपखंड के सालवाड़ी और सोखर गांव में वर्षों से सूखे दो कुओं में अचानक पानी आने से ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. ग्रामीण इसे भगवान का चमत्कार मान रहे हैं, जबकि विशेषज्ञ इसके अन्य कारण बता रहे हैं. दोनों सूखे कुओं में आ रहे पानी को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई है. ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासन को भी दी है. यह पानी पीने या खेती के लिए उपयुक्त है या नहीं, इसकी जांच अभी बाकी है।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सालवाडील के कंचन का बास के जंगल में वर्षों पुराना एक कुआं बना हुआ है। इसे सूखे हुए कई वर्ष बीत गये। रविवार की दोपहर अपने जानवर चराने जंगल गये चरवाहे कुएं की मुंडेर पर बैठे थे. इसी दौरान अचानक कुएं में एक पत्थर गिरा और अंदर से छप-छप की आवाज आई। जब चरवाहों ने कुएं से पानी की आवाज सुनी तो वे चौंक गए। क्योंकि यह वर्षों से सूखा पड़ा हुआ था।

कुएं पर ग्रामीणों का जमावड़ा लगा हुआ है
चरवाहों ने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी. सूखे कुएं में पानी आने की जानकारी मिलते ही वहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गयी. ग्रामीण इसे भगवान का चमत्कार मानने लगे। सौखर गांव में गोविंद सैनी के खेत पर बने कुएं में अचानक पानी आने की खबर फैलते ही वहां भी ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। दोनों कुओं में पानी आने की सूचना प्रशासन को दे दी गयी है.

कुओं में पानी कौतूहल का विषय बना हुआ है
वर्षों से सूखे कुओं में पानी कैसे आता है यह कौतूहल का विषय बना हुआ है। ग्रामीण इसे दैवीय चमत्कार मान रहे हैं। इस मामले में जब जलदाय विभाग के विशेषज्ञों से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि अब नीचे जमीन में पानी नहीं है बल्कि पहाड़ी इलाकों में पॉकेट के रूप में जमा होता रहता है. जमीन में घर्षण या कंपन के कारण पानी पास के कुएं में चला जाता है। बहरहाल, सूखे कुओं में पानी आने से ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं है.

पहले प्रकाशित: 13 मई, 2024, 16:22 IST