Sunita Williams Record: भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने रचा इतिहास, तीसरी बार अंतरिक्ष में भरी उड़ान

ह्यूस्टन. भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स बुधवार को एक अन्य सहयोगी के साथ तीसरी बार अंतरिक्ष के लिए रवाना हुईं। इसके साथ ही दोनों ने बोइंग कंपनी के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले पहले सदस्य बनकर इतिहास रच दिया। विलियम्स और बुच विल्मोर को लेकर बोइंग के ‘क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन’ ने कई देरी के बाद फ्लोरिडा के ‘केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन’ से उड़ान भरी।

विलियम्स ने इस तरह के मिशन पर जाने वाली पहली महिला बनकर भी इतिहास रच दिया। 2012 में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा के दौरान विलियम्स अंतरिक्ष में ‘ट्रायथलॉन’ पूरा करने वाली पहली व्यक्ति बनीं।

विलियम्स मई 1987 में अमेरिकी नौसेना अकादमी में प्रशिक्षण के बाद अमेरिकी नौसेना में शामिल हुईं। विलियम्स को 1998 में नासा द्वारा अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया था और वह दो अंतरिक्ष मिशनों का हिस्सा थीं – 2006 में अभियान 14/15 और 2012 में अभियान 32/33। उन्होंने अभियान 32 में फ्लाइट इंजीनियर के रूप में और फिर अभियान 33 के कमांडर के रूप में काम किया।

अंतरिक्ष यान विकास में विफलताओं के कारण बोइंग के क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन में कई वर्षों तक देरी हुई। विलियम्स और विल्मोर की यात्रा में 25 घंटे लगने की उम्मीद है। अंतरिक्ष यान गुरुवार को अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचेगा।

वे परिक्रमा कर रही प्रयोगशाला में एक सप्ताह से अधिक समय बिताएंगे और फिर 14 जून को वापसी के लिए स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान पर सवार होकर पश्चिमी अमेरिका के एक सुदूर रेगिस्तान में उतरेंगे।

पहले प्रकाशित : 5 जून, 2024, 23:34 IST